मोटर मैकेनिक का लाखों का पहाड़, पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल की Success story, ऐसे तैयार किया जंगल
Success story environment lover Pratap Pokhriyal: प्रताप पोखरियाल पेशे से एक मोटर मैकेनिक हैं। उत्तरकाशी जिले में मुख्य बाजार में एक छोटी सी दुकान है। प्रताप पोखरियाल को अब मोटर मैकेनिक नहीं पर्यावरण प्रेमी के नाम से जानते हैं। इसके पीछे है प्रताप पोखरियाल का सालों साल का ऐसा संघर्ष, जो उन्होंने गाड़ी नहीं पेड़ पौधों को जीवन देने और पर्यावरण को बचाने में लगाया है।
प्रताप पोखरियाल ने उत्तरकाशी के वरूणावत पर्वत की तलहटी पर 70 हेक्टेअर भूमि में घना मिश्रित वन स्थापित किया है। वर्ष 2004 से प्रताप पोखरियाल यहां हर प्रकार के पेड़ पौधे और जड़ी बूटी उगा रहे हैं। जिससे प्रताप पोखरियाल अब जड़ी बूटी की चाय और गिलो आदि कई पेय पदार्थ खुद तैयार कर रहे हैं।

एक घटना ने बना दिया पर्यावरण प्रेमी
प्रताप पोखरियाल ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के गाजणा पट्टी में एक छोटा सा गांव भैंत हैं। 1971 के आसपास एक घटना हुई जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई। गांव के आसपास बंजर भूमि थी। गांव वाले पशुओं को चारा देने के लिए करीब 10 किमी के आसपास से चारा इकट्ठा करते थे। इस बीच एक दिन 5 महिलाओं की चारा पत्ती लाते समय एक दुर्घटना में अकाल मृत्यु हो गई। जिसमें से एक परिवार में तो मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया।
13 वर्ष में ही वृक्षारोपण का काम शुरू किया
इस घटना के बाद प्रताप को गहरा दुख हुआ और उन्होंने इसके लिए बंजर भूमियों का आबाद करने की ठानी। उन्होंने खुद की 80 नाली बंजर भूमि में 13 वर्ष में ही वृक्षारोपण का काम शुरू किया। धीरे धीरे उनके इस काम में गांव की महिलाएं भी जुड़ गई और पूरे क्षेत्र में 10 साल में 300 हेक्टेअर भूमि में 10 लाख से अधिक पौधे लगाकर 4 विशाल वन तैयार किए। जो कि आज भी गांव के अलावा आसपास के लोगों के लिए भी प्रेरणादायी बने हुए हैं।
घर चलाने के लिए बन गए मोटर मैकेनिक
इस बीच प्रताप पोखरियाल के परिवार में घर चलाने की समस्या उत्पन्न हो गई। प्रताप सिंह 1981 में रोजगार की तलाश में उत्तरकाशी आ गए। काम सीखकर उत्तरकाशी में एक वर्कशॉप की छोटी सी दुकान खोली और गाड़ियां ठीक करने लगे। कुछ अलग और बड़ा करने का मन में चल रहा था, ऐसे में प्रताप आसपास ही वृक्षारोपण और पेड़ पौधों के लिए काम करते रहे और वरूणावत पर्वत की तलहटी में धीरे धीरे जंगल बनाते रहे। इस बीच वरूणावत पर्वत पर भूस्खलन से होने से सब बर्बाद हो गया। पूरे शहर को काफी नुकसान हुआ।
2004 से तैयार कर रहे जंगल
इस घटना के बाद प्रताप पोखरियाल ने फिर से वरूणावत पर्वत के जंगल को उगाने के प्रयास शुरू किए और जनवरी 2004 से वरूणावत की तलहटी पर फिर से जंगल उगाना शुरू किया और वह आज 45 हेक्टेअर में 300 प्रजाति के वृक्ष पादप, जड़ी बूटियां और वनस्पतियां उगाई हैं। कोविड काल में यहां प्रताप पोखरियाल ने 20 हजार से ज्यादा काढ़ा और करीब 10 हजार लीटर गिलोय निशुल्क लोगों को बांटा।
श्याम स्मृति वन में 15 लाख जीवित पेड़ पौधे
प्रताप पोखरियाल के श्याम स्मृति वन में अब तक 25 लाख से ज्यादा पेड़ पौधे लगाए गए जिनमें से 15 लाख जीवित हैं। इसमें हर्बल गार्डन भी तैयार किया गया है। प्रताप पोखरियाल का श्याम स्मृति वन रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए एक पूरा जीवित प्रयोगशाला बना हुआ है। हर कोई एक बार इस जगह पर आकर प्रताप पोखरियाल के संघर्ष का साक्षी बनना चाहते हैं।
सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 से सम्मानित
साथ ही कई मशहूर हस्तियां आईएएस, आईपीएस समेत वृक्षारोपण कर चुके हैं। जिसे प्रताप पोखरियाल जीवित रखकर इतिहास बनाने में जुटे हैं। प्रताप पोखरियाल को उनके इस संघर्ष के लिए कई सम्मान और अवॉर्ड मिल चुके हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रताप पोखरियाल को सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 (गैर सरकारी श्रेणी) में राज्य सरकार द्वारा सीएम पुष्कर सिंह धामी के हाथों सम्मानित किया गया।
जंगल ही जीवन की कमाई
प्रताप पोखरियाल का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पेड़ पौधों और पर्यावरण के नाम कर दिया है। कई बार तो घर चलाने के लिए आर्थिक तंगी भी सामने आ जाती है। लेकिन पेड़ पौधों का जंगल ही उनकी जीवन भर की कमाई है। जिसमें वे अपना अधिकतर समय बीताना पंसद करते हैं।
-
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
Hyderabad Bengaluru Bullet Train: 626 किमी के प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, DPR पर बड़ा अपडेट आया -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Silver Rate Today: चांदी के दाम में भारी गिरावट, ₹5000 तक सस्ती,आपके शहर में क्या 100g और 1kg का ताजा भाव -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: ₹64 लाख बढ़ी CM की संपत्ति, कौन हैं पत्नी रिनिकी, दोनों में कौन ज्यादा अमीर? -
LPG Crisis: 5 साल तक गैस और तेल की रहेगी किल्लत! दुनिया की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी के CEO के दावे से हड़कंप -
Dhurandhar-2 में 'अतीक अहमद' बनने वाले Salim Siddiqui कौन? कितनी ली फीस? UP माफिया का खुला PAK काला चिट्ठा! -
दुष्कर्म के आरोपी बाबा के चरण धोती दिखीं महिला आयोग अध्यक्ष, CM फडणवीस ने तुरंत मांगा इस्तीफा, छिनी कुर्सी -
Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: दिल्ली में आज क्या खुला, क्या बंद? ईद पर बैंक, स्कूल-बाजारों की लेटेस्ट अपडेट -
Iran War Updates: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए गुड न्यूज, एक साथ कितने टैंकर होंगे रवाना? आ गया अपडेट












Click it and Unblock the Notifications