कैलाश पर्वत दर्शन प्वाइंट को सुधारने के लिए धामी सरकार की खास पहल,आदि कैलाश के लिए बन रही ये प्लानिंग
उत्तराखंड सरकार आदि कैलाश की यात्रा को सरल और सुगम बनाने के लिए लगातार प्लानिंग पर काम कर रही है।
पीएम मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद पर्यटकों की संख्या में काफी बढोत्तरी दर्ज की गई है। इस बार सीएम धामी ने आदि कैलाश में योगा कार्यक्रम भी आयोजित किया।

उत्तराखंड से कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं, इस प्वाइंट को अब सरकार पर्यटन और तीर्थाटन केंद्र के लिहाज से विकसित करने की प्लानिंग में जुटी है। सरकार का कहना है कि ओल्ड लिपुलेख दर्रे तक जाने वाले मोटर मार्ग के प्वाइंट जहां से कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं वहां तक रैम्प बनाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज नेकेन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी से मुलाकात कर उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि ओल्ड लिपुलेख दर्रा पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केन्द्र है। यहाँ से पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन अद्वितीय हैं और यह धार्मिक तथा पर्यटन दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि लिपुलेख दर्रे तक जाने वाले मोटर मार्ग के जिस प्वाइंट से कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं, उसके लगभग 200 मीटर पहले का रास्ता ऊबड़-खाबड़ और कठिन है, जिस कारण लोगों को यहाँ तक पहुँचने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ओल्ड लिपुलेख दर्रे उस प्वाइंट तक जाने के लिए जहां से कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं वहां तक रैम्प बनाया जाये।
कहा कि उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित गुंजी से ओम पर्वत तथा गुंजी से आदि कैलाश के मार्ग धार्मिक और साहसिक यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए अति महत्वपूर्ण है। लेकिन वर्तमान में इन मार्गों पर शौचालयों की कमी होने के साथ साथ माइलस्टोन भी नहीं हैं, जिस कारण पर्यटकों को स्वच्छता व दिशा निर्देशन में कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि शौचालयों की अनुपलब्धता से कई प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्यायें उत्पन्न हो जाती हैं तथा माइलस्टोन न होने की वजह से लोग रास्ते से भ्रमित हो जाते हैं और यह पता नहीं चल पाता कि उन्होंने कितना मार्ग तय कर लिया है। इसलिए कैलाश आवागमन के मार्गों पर सार्वजनिक शौचालयों तथा माइलस्टोन के निर्माण के साथ ही ओल्ड लिपुलेख दर्रे के समीप रैम्प बनाये जाने को अधिकारियों को निर्देशित करें ताकि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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