उत्तराखंड: सैनिकों-पूर्व सैनिकों को अब नहीं लगाने होंगे बरेली-मेरठ के चक्कर, खुलेंगे दो रक्षा संपदा कार्यालय
उत्तराखंड में छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर आई है। इन क्षेत्र में रहने वाले सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अन्य लोगों को भूमि संबंधी मामले के लिए अब दूसरे राज्य में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
देहरादून, 02 जून : उत्तराखंड में छावनी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर आई है। इन क्षेत्र में रहने वाले सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अन्य लोगों को भूमि संबंधी मामले के लिए अब दूसरे राज्य में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे पहले इन लोगों को उत्तर प्रदेश के बरेली और मेरठ में चक्कर काटने पड़ते थे। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में दो रक्षा संपदा कार्यालय खोलने को मंजूरी दी है।

रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बताया कि देहरादून में रक्षा संपदा कार्यालय, जबकि रानीखेत में उप रक्षा संपदा कार्यालय खुलेगा। अजय भटट् ने बताया कि भूमि संबंधी मामलों के लिए गढ़वाल के छावनी क्षेत्र के लोगों को मेरठ और कुमाऊं के छावनी क्षेत्र के लोगों को बरेली जाना पड़ता था। अब मंत्रालय ने नया कार्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इस निर्णय से छावनी क्षेत्रों के लोगों में खुशी की लहर है।
इन क्षेत्रों को किया जाएगा शामिल
डीईओ देहरादून के तहत चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी के क्षेत्र आएंगे। इसमें चकराता, क्लेमेंटटाउन, देहरादून, लंढौर, लैंसडौन, रुड़की, नैनीताल, अल्मोड़ा एवं रानीखेत कैंट का क्षेत्र होगा। इसके अलावा देहरादून और जोशीमठ, रायवाला एवं हर्षिल मिलिट्री स्टेशन भी इसके तहत आएंगे। वहीं उप रक्षा संपदा अधिकारी कार्यालय रानीखेत में नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चंपावत क्षेत्र हैं। इसमें रानीखेत, पिथौरागढ़, धारचूला, चंपावत, आरटीसी डिपो हेमपुर एंड एएफ भवाली मिलिट्री स्टेशन शामिल हैं।












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