'अपात्र को ना और पात्र को हां' अभियान के तहत अब तक 58 हजार से ज्यादा राशन कार्ड हो चुके हैं सरेंडर, जानिए क्यो
अपात्र लोगों के लिए राशन कार्ड सरेंडर करने की डेडलाइन 30 जून है
देहरादून, 11 जून। उत्तराखंड में खाद्य विभाग की मुहिम "अपात्र को ना और पात्र को हां" अभियान के तहत अब तक 58,374 राशन कार्ड सरेंडर हो चुके हैं। जो कि अभी 30 जून तक जारी है।

अपात्र व्यक्ति अपना राशन कार्ड सरेंडर कर रहे, अब पात्र व्यक्तियों को राशन प्राप्त होगा
प्रदेश की खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि खाद्य विभाग की मुहिम "अपात्र को ना और पात्र को हां" अभियान के तहत अभी तक राज्य में 58,374 राशन कार्ड सरेंडर हुए हैं और पूर्व में राशन कार्ड सरेंडर करने की अंतिम तिथि 31 मई थी जिसे बढ़ाकर अब 30 जून कर दिया गया है। रेखा आर्य ने कहा कि इस अभियान के तहत पूर्व में ऐसे लोग जो पात्र नही थे वो भी राशन कार्ड का इस्तेमाल करके राशन प्राप्त करते थे लेकिन अब इस मुहिम के तहत अपात्र व्यक्ति अपना राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं जिससे कि अब पात्र व्यक्तियों को राशन प्राप्त होगा।
अपात्र उपभोक्ताओं को जमा करना पड़ रहा कार्ड
केंद्र और राज्य सरकार के तीन योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर औऱ वंचित वर्ग के लोगों सस्ता अनाजा दिया जाता है। अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) में वो लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से अधिक न हो। राज्य खाद्य सुरक्षा योजना पांच लाख रुपये तक सालाना के लोगों के लिए है। अपात्र लोगों के राशन कार्ड होने की शिकायत मिलने के बाद राज्य सरकार ने पांच मई से अपात्र को ना -पात्र को हां अभियान शुरू किया हुआ है। राज्य सरकार के इस अभियान के तहत अपात्र लोगों को खुद राशन कार्ड जमा कराने की छूट दी है। अभियान के बाद भी अगर कोई अपात्र व्यक्ति राशन कार्ड रखता है और पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी। जिसके बाद से लगातार राशन कार्ड सरेंडर किए जा रहे हैं।
प्रदेश में तीन प्रकार के कार्ड
वर्तमान में प्रदेश में तीन प्रकार के कार्ड बनाए जा रहे हैं। इनमें अंत्योदय (गुलाबी राशन कार्ड), राष्ट्रीय खाद्य योजना का सफेद कार्ड और इससे ऊपरी वर्ग के लोगों के लिए पीला कार्ड है। तीनों कार्ड बनाने की अलग-अलग शर्तें हैं। गुलाबी कार्ड धारक की वार्षिक आमदनी 15 हजार से कम होनी चाहिए। साथ ही इनकम का कोई स्रोत न हो या वह दिव्यांग, विधवा और बुजुर्ग, जिसका कोई सहारा न हो। सफेद कार्डधारक की परिवार की वार्षिक आय 15 हजार से ऊपर नहीं होनी चाहिए। सरकारी नौकरी, रिटायर्ड पेंशनर्स, आयकर दाता और दो हेक्टेयर भूमि वाले इस श्रेणी में नहीं आएंगे। इसमें अन्य मानक भी तय किए गए हैं। पीला कार्ड में डेढ़ लाख से अधिक आय वाले और पांच लाख से कम आए वाले उपभोक्ता आते हैं। पांच लाख से अधिक आय वाले परिवारों को पीले कार्ड जमा कराने होंगे।












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