उत्तराखंड का खूबसूरत गांव सरमोली, महिलाओं की मेहनत से बन गया देश का श्रेष्ठ पर्यटन गांव, जानिए कैसे
उत्तराखंड की संस्कृति और नैसर्गिक सुंदरता अब देश के पर्यटन मानचित्र में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर पहुंच गई है। पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी के पास बसा खूबसूरत गांव सरमोली का देश के श्रेष्ठ पर्यटन गांव में चयन हुआ है। जो कि उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। यहां के लोगों ने पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोजगार को लेकर कड़ी मेहनत की है। जिस वजह से ये आज ये पूरे देश में श्रेष्ठ गांव बन गया है।

सरमोली गांव में महिलाओं ने होमस्टे के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम योगदान दिया है। इस गांव में 25 से ज्यादा होमस्टे हैं। जो कि घरेलू महिलाएं चलाती हैं। इससे पर्यटन के साथ ही यहां के उत्पाद और संस्कृति, परिधान को बढ़ावा मिल रहा है। गांव के प्रधान नंदू प्रधान ने बताया कि होम स्टे से इस गांव में पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिला है। हालांकि इस गांव की खूबसूरती स्वर्ग से कम नहीं है। यहां से मुनस्यारी सबसे नजदीक है। इसके साथ ही हिमालय, नंदा देवी, राजरंभा, पंचाकूली, नंदा कोट चोटियां सामने नजर आती हैं। जिससे ये जगह स्वर्ग से भी सुंदर लगती हैं।
प्रधान ने बताया कि पर्यटक यहां रहना पसंद करते हैं। साथ ही यहां कई दिन बिताना चाहते हैं। इसके लिए पर्यटक साल भर पहुंचते हैं। हालांकि मौसम अनूकूल होने पर ही ज्यादा पर्यटक आते हैं। अक्सर यहां बरसात में सड़कों के हालात खराब रहते हैं। सरमोली गांव में अधिकतर परिवार कृषि, खेती और होमस्टे पर निर्भर हैं।
वेदिका होम स्टे की संचालिका चंद्रा ठाकुनी ने बताया कि वे अपने होम स्टे पर मेहमानों को घर का स्थानीय खाना बनाकर खिलाती हैं। जिसे लोग पसंद करते हैं। 2013 से वे होमस्टे चला रही हैं। सीजन में 30 से 40 पर्यटक आ जाते हैं। जिनसे उनका रोजगार भी चल जाता है। उन्होंने बताया कि सीजन में एक रात का 2 हजार रुपए तक होम स्टे का मिल जाता है। जिसमें खाना भी शामिल है।
चंद्रा का कहना है कि होम स्टे का रोजगार ग्रामीणों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। पहले सिर्फ खेती पर ही निर्भर रहती थीं। लेकिन अब होमस्टे के जरिए पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में राजमा, आलू समेत कई फसलों का अच्छा उत्पादन होता है। जो कि बाहरी क्षेत्रों में भी जाती है।












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