UJVNL का रिकॉर्ड बिजली उत्पादन फिर भी गांव से शहर तक बिजली कटौती, 13 अप्रैल की बड़ी खबरें
UJVNL का इस साल रिकॉर्ड बिजली उत्पादन का दावा
देहरादून, 13 अप्रैल। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड ने इस साल रिकॉर्ड बिजली उत्पादन का दावा किया है। निगम का दावा है कि इस साल उसने 4800 मिलियन यूनिट के लक्ष्य की तुलना में 5157.27 एमयू बिजली पैदा की है। बिजली की मांग और उपलब्धता में भी 11 मिलियन यूनिट तक का अंतर पहुंच गया है। उधर उत्तराखंड में बिजली का संकट गांव के बाद शहरों में भी पहुंच गया है। जहां गांवों में अभी तक डेढ़ से दो घंटे की बिजली कटौती हो रही है। वहीं अब छोटे शहरों में भी आधा से एक घंटे की बिजली कटौती शुरू हो गई है। यूपीसीएल की बिजली की मांग 42.5 मिलियन यूनिट प्रतिदिन पहुंच गई है। जबकि यूपीसीएल को राज्य, केंद्र समेत अन्य स्रोतों से सिर्फ 31.5 मिलियन यूनिट ही बिजली मिल रही है। 11 मिलियन यूनिट के इस अंतर को पाटने के लिए पांच मिलियन यूनिट बाजार से पहले ही खरीद कर रखी जा रही है। तीन मिलियन यूनिट रियल टाइम मार्केट में खरीदी जा रही है। इसके बाद भी तीन मिलियन यूनिट बिजली की कमी रह जा रही है। इस कमी के कारण अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में ही बिजली की कटौती हो रही थी। मंगलवार से छोटे शहरों में भी शाम के समय बिजली कटौती शुरू कर दी गई।

बारिश से राहत, आंधी तूफान से आफत
बुधवार को मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हिसाब से ही मौसम में बदलाव नजर आया। प्रदेशभर के अधिक क्षेत्रों में बारिश और आंधी तूफान से अस्त व्यस्त हो गया है। बुधवार देर शाम हुई तेज बारिश ने वन विभाग को राहत मिल गई है। पिछले कई दिनों से जंगल धधक रहे थे। तेज बारिश के चलते आग पर काबू होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही मौसम में भी ठंड का एहसास होने लगा है। हालांकि अचानक हुए मौसम में बदलाव से शहरों में अस्तव्यस्त माहौल नजर आया। राजधानी देहरादून में तेज अंधड से कई जगह जाम के हालात बने रहे।
स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर जमकर प्रदर्शन
सहकारिता विभाग में हुए घोटाले का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को महिला कांग्रेस कार्यकरर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। भारी संख्या में एकजुट हुई महिलाओं ने गेट खोलकर अंदर जाने की कोशिश की, जिस पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोका। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। साथ ही धन सिंह रावत का इस्तीफा मांगा और सीएम पुष्कर सिंह धामी से इस्तीफा मांगा है।
रिस्पना एवं बिंदाल नदी पर एलिवेटेड रोड की फीजीबिलिटी स्टडी
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने रिस्पना एवं बिंदाल नदी पर एलिवेटेड रोड के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव के समक्ष फीजीबिलिटी स्टडी का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्य सचिव ने रिस्पना एवं बिंदाल नदी में एलिवेटेड रोड को 6 लेन बनाए जाने की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तैयार होने के बाद यह सड़कें देहरादून की सड़कों का कंजेशन काफी हद तक कम करने में कारगर सिद्ध होंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि नदियों के दोनों किनारों पर भी वाहन चलाने योग्य सड़कों के निर्माण की संभावनाओं को भी तलाशा जाए, जिससे नदियों के आसपास की बस्तियों को आवागमन की सुविधा मिल सके। बताते चलें कि पूर्व में मुख्य सचिव ने रिस्पना और बिंदाल नदियों में एलिवेटेड सड़क निर्माण के लिए फीजिबिलिटी सर्वे किए जाने के निर्देश दिए थे। विधानसभा के पास रिस्पना पुल से सहस्त्रधारा और बिंदाल नदी पर हरिद्वार बायपास से मैक्स अस्पताल के पास तक एलिवेटेड सड़क का फीजिबिलिटी सर्वे किया गया।












Click it and Unblock the Notifications