राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ मोहन भागवत उत्तराखंड दौरे पर,जानिए कहां है कार्यक्रम,क्या कहा
Rss chief mohan bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ मोहन भागवत उत्तराखंड दौरे पर हैं। भागवत शनिवार को दिल्ली से पंतनगर आए उसके बाद पहले चंपावत और फिर पिथौरागढ़ पहुंचे। डॉ. भागवत सीमांत जिले पिथौरागढ़ में चार दिवसीय प्रवास पर हैं।
इस दौरान वह संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। साथ ही वह सभी जिला प्रचारकों व वरिष्ठ प्रचारकों के साथ संवाद भी करेंगे।

डॉ मोहन भागवत ने सीमांत पिथौरागढ़ जिले के मुआनी में शेर सिंह कार्की सरस्वती विहार विद्यालय के नव निर्मित भवन को क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। इस लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर डा भागवत ने एक चंदन का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर सीमांत जनजाति समुदाय ने डा भागवत का परम्परागत रीति रिवाज से स्वागत किया।
डा भागवत का विद्यालय परिसर में पूर्व राज्यपाल पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, विद्यालय प्रबंधन की ओर से श्याम जी अग्रवाल ने स्वागत किया। इस मौके पर कोश्यारी ने कहा डा भागवत ने इस सीमांत क्षेत्र में आकर स्थानीय जनता के अनुरोध आग्रह को स्वीकार कर हमे कृतार्थ किया। उन्होंने कहा कि ये नव निर्मित विद्यालय परिसर इस दूरस्थ क्षेत्र में भारतीय संस्कृति की शिक्षा देने के लिए वचन बद्ध है और ये भविष्य में छात्रावास विद्यालय का रूप लेगा।
आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने उत्तराखंड में कहा कि भारत वैभवशाली था और वैभवशाली ही रहेगा। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति और समाज को मजबूत बनाती है। शिक्षा और परिश्रम से ही सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। विद्या और धन दान के लिए होता है और शक्ति दुर्बलों की मदद के लिए होती है।
भागवत ने कहा कि व्यक्ति अपने हाथों से ही अपना भविष्य तय करता है। इसके लिए प्रयास आवश्यक हैं। संपूर्ण शिक्षा की आवश्यकता है, जिससे स्वावलंबन पैदा हो। उन्होंने भारतीय परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विद्या और धन दान के लिए होता है और शक्ति दुर्बलों की मदद के लिए होती है।












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