UPSC Topper: उत्तराखंड के शुभम बंसल की 43वीं रैंक आई, बोले- पाठ्यक्रम को ग्रंथ मान लिया था
रामनगर। उत्तराखंड राज्य में रामनगर के रहने वाले शुभम बंसल ने सिविल सर्विस की परीक्षा में 43वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने रोल नंबर-0846313 से उत्तराखंड टॉप किया है। अपनी इस कामयाबी के बारे में वह कहते हैं कि, 'दो बार असफलता मिलने के बाद भी मैं निराश नहीं हुआ। बल्कि पूरे पाठ्यक्रम को ग्रंथ मानकर पढ़ा।'

2 बार असफल रहा, तीसरी बार में पास
शुभम आगे बोले- ''मैंने शुरुआत में जितनी मेहनत की, उतनी मेहनत बाद में भी करता रहा। कितने घंटे पढ़ाई करनी है, यह नहीं सोचा। हर किसी की तरह मुझे भी लगन और कड़ी मेहनत से ही सफलता मिली। पहली बार मैंने 22 साल की उम्र में सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी थी। रिटर्न में सफल हुआ, लेकिन इंटरव्यू में रह गया। दूसरी बार में भी असफलता मिली। फिर भी मैंने सोच लिया था कि परीक्षा पास करके ही रहूंगा।'

किताबों को ग्रंथ की तरह पढ़ा
'मैंने वर्ष 2019 में तीसरी बार परीक्षा दी। मुझे रैकिंग को लेकर असमंजस था। बैंक में मैनेजर होने के बाद भी आगे होने वाली सिविल सर्विसेस परीक्षा की तैयारी जुटा। फिर क्या था, अब मुझे 43वीं रैंक मिली है। यह मेरी मेहनत के अनुकूल ही है। इस सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दूंगा। मैंने इन किताबों को ग्रंथ की तरह पढ़ा, खुद यज्ञ और हवन की तरह मेहनत की।'

ऐसे पूरी की पढ़ाई
संवाददाता ने बताया कि, 'शुभम रामनगर निवासी अतुल बंसल के बेटे हैं। शुभव ने वर्ष 2011 में हाईस्कूल की परीक्षा लिटिलस्कालर्स काशीपुर से ग्रेट ए प्लस लाकर पास की थी। 12वीं परीक्षा आरके पुरम दिल्ली स्थित डीपीएस स्कूल से उत्तीर्ण की। उसके बाद 2017 में दिल्ली में ही रह कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वर्ष 2019 में रिजर्व बैंक के मैनेजर पद के लिए परीक्षा को क्वालीफाई किया।''

10वीं के वक्त ही सोच लिया था
शुभम कहते हैं कि, ''मैंने हाईस्कूल के समय से ही सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की ठान ली थी। मेरा इरादा समाजसेवा करने का रहा है। डॉक्टर, शिक्षक आदि बनकर भी लोग समाजसेवा करते हैं। प्रशासनिक अधिकारी बनने का बाद समाजसेवा का दायरा बढ़ जाता है।''












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