चुनावी साल में छात्र राजनीति के सहारे मुख्य धारा की राजनीति के समीकरण साधने में जुटे दल, जानिए मसला
छात्र संघ चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया उपवास, भाजपा ने पलटवार
देहरादून, 18 नवंबर। उत्तराखंड में चुनावी साल में अब जनहित के मुद्दों के अलावा दूसरे मुद्दों पर भी जमकर राजनीति शुरू हो गई है। छात्र राजनीति से राजनीति की मुख्यधारा का रास्ता तलाश रहे युवाओं के मुद्दों पर अब भाजपा, कांग्रेस खुलकर आमने सामने आ गए हैं। कांग्रेस ने छात्र संघ चुनाव कराने के लिए मौन उपवास किया तो भाजपा ने भी जमकर पलटवार कर दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कांग्रेस पर बिना मुद्दे के राजनीति करने का आरोप लगाया है। मदन कौशिक ने कहा कि चुनाव में देरी के लिए सरकार नहीं, बल्कि कोरोना के कारण उत्पन्न स्थिति जिम्मेदार रहीं।

2 साल से नहीं हुए चुनाव
उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव भी राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा का सवाल रहा है। एबीवीपी, एनएसयूआई, एसएफआई आदि कई संगठनों का राष्ट्रीय दलों से सीधा संबंध रहता है। ऐसे में जब 2 साल से छात्र संघ चुनाव ही नहीं हुए हैं तो फिर चुनावी साल में जमकर राजनीति शुरू हो गई है। 2 साल से चुनाव की तैयारी कर रहे छात्रों का अब संयम जबाव दे चुका है। ऐसे मेंं विधानसभा चुनाव से पहले छात्र संघ चुनाव कराने का दबाव भी राजनीतिक दलों पर आने लगा है। जिसमें कांग्रेस भी कूद पड़ी है। कांग्रेस छात्रसंघ चुनावों को लेकर बीजेपी पर हमलावर है।
कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
गुरुवार को छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने देहरादून के गांधी पार्क में मौन उपवास रखा। जल्द निर्णय न होने पर 21 नवंबर से पूरे प्रदेश में कांग्रेस मौन उपवास रखकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जतायेगी। खास बात ये है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ ही सीनियर नेताओं ने इस मुद्दे पर जमकर भाजपा को घेरा है। जिससे यह मुद्दा गर्मा गया है। अब जब प्रदेश में कोरोना संक्रमण सामान्य है और 2 महीने बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि सरकार जानबूझकर छात्र संघ चुनाव नहीं कराना चाहती है. कांग्रेस ने बीजेपी पर छात्रों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। कांग्रेस की मांग है कि पूरे प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में जल्द से जल्द छात्र संघ चुनाव कराए जाएं. प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस को प्रदेश में 21 नवंबर को गांधी प्रतिमा के सामने दो-दो घंटे का मौन उपवास रखने के लिए कहा है। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में लाखों छात्र अध्ययनरत हैं, जो किसी न किसी तरह से छात्र संघ से जुड़े रहते हैं ऐसे में कांग्रेस युवा वोटर को भी साधने में जुटी है।
भाजपा ने किया पलटवार, कांग्रेस को घेरा
युवा वोटरों के समर्थन में कांग्रेस आई तो भाजपा बैचेन नजर आने लगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी तुरंत पलटवार कर दिया। मदन कौशिक ने कहा कि चुनाव में देरी के लिए सरकार नहीं बल्कि कोरोना के कारण उत्पन्न स्थिति जिम्मेदार रहीं। कोरोना संकट के कारण समय से महाविद्यालय व विश्वविद्यालय न खुलने और छात्रों के न आने से व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई। हालांकि, छात्र संघ चुनाव सरकार नहीं कराती, बल्कि ये लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप तय प्रक्रिया के अंतर्गत होते हैं। कौशिक ने कहा कि छात्र संघ चुनाव को लेकर कांग्रेस ऐसे मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जो मुद्दा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ में छात्र संघ चुनाव नहीं करा पा रही है, उसे इन प्रदेशों का भी संज्ञान लेना चाहिए। छात्र संघ चुनावों में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत हमेशा सक्रिय नजर आते हैं। इससे पहले हुए चुनावों में धन सिंह की पहल पर ही पूरे प्रदेश के कॉलेजों में एक दिन में ही चुनाव संंपन्न हुए थे। अब जबकि चुनाव नहीं हो रहे हैं तो छात्रों के विरोध का सामना धन सिंह रावत को भी झेलना पड़ रहा है। जो कि आने वाले दिनों में भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकता है।












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