पीएम मोदी ने फिर की सीएम पुष्कर सिंह धामी की तारीफ, चुनावी साल में अब सीएम धामी के सामने ये बड़ी चुनौती
पीएम नरेंद्र मोदी सीएम की कर चुके हैं कई बार तारीफ
देहरादून, 6 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे से एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नई ऊर्जा मिल गई है। पीएम ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान सीएम को युवा सीएम कहकर पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की पीठ थपथपाई है। जिसके बाद से सीएम पुष्कर सिंह धामी का चुनावी साल में जोश नए रंग में नजर आना तय है। पीएम की सीएम धामी की तारीफ करने से भाजपा को उत्तराखंड में जोश भर गए हैं। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में अब उत्तराखंड में दोबारा सत्ता पाना और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की भी धामी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

सीएम की पीएम ने की तारीफ
शुक्रवार को केदारनाथ दौरे पर रहे पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में चुनावी साल देखते हुए उत्तराखंड के विकास पर फोकस किया। इसके लिए पीएम ने युवा सीएम पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। इतना ही नहीं पीएम ने सीएम धामी की पीठ भी थपथपाई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम के केदारनाथ दौरे को लेकर पूरी तैयारियों का जिम्मा खुद संभाला हुआ था। जिसके लिए वे हर मोर्चे पर खुद तैनात रहे। केदारनाथ में कार्यक्रम की रुपरेखा तय करना हो या फिर देवस्थानम बोर्ड को लेकर पंडा पुरोहितों के विरोध को झेलना और समझाना भी शामिल रहा है। सीएम के मेहनत को पीएम मोदी ने भी अपने संबोधन में सराहा। जिसके बाद से सीएम पुष्कर सिंह धामी को चुनावी साल में पीएम नरेंद्र मोदी ने अब गुरू मंत्र भी दे दिया है। जिसके बाद सीएम अब चुनावी मोड में नजर आने वाले हैं। पीएम नरेंद्र मोदी इससे पहले ऋषिकेश के कार्यक्रम में भी सीएम पुष्कर सिंह धामी की दो बार पीठ थपथपा कर गए। इतना ही नहीं गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी सीएम की तारीफ कर चुके हैं। साफ है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के लिए भाजपा हाईकमान के विश्वास को कायम रखना भी बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में उत्तराखंड में दोबारा सत्ता पाने का इतिहास रचना और ऐतिहासिक जीत दर्ज करना भी पुष्कर सिंह धामी के लिए बड़ी चुनौती है।
देवस्थानम बोर्ड का मु्द्दा बना चेलेंज
केदारनाथ में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने और पुर्ननिर्माण के कार्य को धरातल पर लाने के साथ ही अब सीएम पुष्कर सिंह धामी के लिए देवस्थानम बोर्ड को लेकर पंडा पुरोहितों को समझाना भी बड़ा टास्क है। देवस्थानम बोर्ड की वजह से चारों धाम के तीर्थ पुरोहित राज्य सरकार से नाराज चल रहे हैं। जिसका पुरोहित पुरजोर विरोध कर रहे हैं। सरकार ने इसके लिए हाईपॉवर कमेटी भी बनाई है। लेकिन मामला सुलझता हुआ नजर नहीं आ रहा है। अब सरकार चुनावी साल में देवस्थानम बोर्ड को लेकर बैकफुट पर नजर आने लगी है। जिसको लेकर 30 नवंबर तक का समय मांगा गया है।
महंगाई बन सकता है चुनावी मुद्दा
भाजपा शासित राज्यों में महंगाई का मुद्दा राज्य सरकारों के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है। ऐसे में महंगाई के मुद्दे पर जनता को समझाना सीएम धामी के लिए बड़ा चेलेंज बन सकता है। कांग्रेस महंगाई पर सरकार को लगातार घेर रही है। पेट्रोल, डीजल, सिलेंडर और खाद्य तेल ने आम आदमी का बजट गड़बड़ा दिया है। जिससे आम जनता भी परेशान है। इसका असर चुनाव में पड़ सकता है। ऐसे में महंगाई का मुद्दा विपक्ष चुनाव में भुना न पाए, इसके लिए सीएम को नई रणनीति पर काम करना होगा।












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