दुबई से देहरादून में चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह,लिंक क्लिक करते ही ऐसे शुरू होता है आईपीएल में सट्टे का खेल
देहरादून पुलिस ने अर्न्तराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड किया है। देहरादून के राजपुर इलाके में ब्रह्रमणवाला गांव में एक फ्लैट से पुलिस ने 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जो कि आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगाते थे।
पुलिस का दावा है कि ऑनलाइन सट्टा गिरोह दुबई से संचालित हो रहा था। अभियुक्त के खातो में करोडो रुपये के ट्रान्जेक्शन होने की पुलिस को जानकारी मिली है। ऑनलाइन सट्टा में प्रयोग किये जा रहे बैंक खातो को सीज करते हुए पुलिस ने उसमें जमा 9 लाख 25 हजार रूपये फ्रीज कराए हैं।

ऐसे चलता है गिरोह
पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि ऑनलाइन सट्टे का पूरा नेटवर्क दुबई से शुभम नाम के व्यक्ति द्वारा संचालित किया जाता है। देहरादून में सट्टे का काम सिराज मेनन द्वारा देखा जाता है, अभियुक्त मोबाईल फोन के जरिये ऑनलाइन सट्टे की साइट, लेजर, टाइगर और ऑल पैनल पर जाकर आनलाईन सट्टा खिलवाते है।
लोगो से पैसे लेकर बुकी का काम करते है। आनलाइन सट्टे की साइटों की आईडी,लिंक अभियुक्तों को शुभम, निवासी छत्तीसगढ़ के द्वारा मोबाइल फोन के जरिये उपलब्ध करायी जाती है। शुभम द्वारा पैसे लेकर अभियुक्तों को सट्टे के ऑनलाइन प्वांइन्टस उपलब्ध कराये जाते है।
जिन्हें अभियुक्तों द्वारा आगे लोगो को ऑनलाइन बेचकर उनसे पैसे लेकर सट्टा खिलवाया जाता है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो जाता है। सट्टे की सारी धनराशि ऑनलाईन गूगल पे के माध्यम से ली जाती है। वर्तमान में चल रहे आईपीएल मैचो के दौरान पिछले एक माह में अभियुक्तों के खातों में लगभग 20 करोड़ रुपए के ट्राजेक्शन की पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई है।
कैसे खेला जाता है सट्टा
अभियुक्तो द्वारा ऑनलाईन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों को एक लिंक भेजा जाता है, जिसे क्लिक करते ही उन्हें एक नंबर उपलब्ध हो जाता है, फिर अभियुक्तो द्वारा उक्त नंबर को व्हाट्सएप से लिंक करके ग्राहक से संपर्क करते हुए उनका व्हाट्सएप डाटाबेस तैयार किया जाता है और सट्टा खिलाने में प्रयुक्त तीनो ग्लोबल साइटों में से ग्राहक द्वारा चयनित की गई साइट के माध्यम से उसे व्हाट्सएप के जरिए डिपाजिट स्लिप उपलब्ध कराते हैं।
जिसमें बैंक की डिटेल दी जाती है, इन बैंक खातों मे ही पैसो का लेनदेन होता है। पेमेंट साइट के बाद ग्राहक की आईडी जेनरेट होती है और पासवर्ड ग्राहक को उपलब्ध कराया जाता है। उसके बाद ग्राहक द्वारा गूगल क्रोम के माध्यम से उक्त ग्लोबल साइट को खोलकर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता है।
धनराशि जीतने पर ग्राहक द्वारा व्हाटसएप के माध्यम से अभियुक्तो से सम्पर्क किया जाता है, जिनसे अभियुक्तों द्वारा एक ऑनलाइन विड्रॉल फार्म भरवाकर पैसे उनके खाते में ट्रांसफर किये जाते है।
गिरोह की गिरफ्तारी
- सिराज मेमन पुत्र अब्दुल फरीद निवासी सिविल लाइन निकट साई मंदिर जिला दुर्ग थाना सिविल लाइन छत्तीसगढ़ उम्र- 26 वर्ष
- सौरभ पुत्र जानकी राम निवासी आसाराम बापू के आश्रम के सामने गली नंबर 2 जिला चिलवाड़ा उम्र- 23 वर्ष
- विवेक अधिकारी पुत्र इंद्र अधिकारी निवासी कोरबा थाना एक्सल जनपद कोरबा छत्तीसगढ़ उम्र- 20 वर्ष
- लोकेश गुप्ता पुत्र सीताराम निवासी पीपल चौराहा थाना करोड़ मध्य प्रदेश उम्र- 29 वर्ष
- सोनू कुमार पुत्र उपेंद्र सिंह निवासी मिन्ह कॉलेज थाना औरंगाबाद जनपद औरंगाबाद बिहार उम्र 23 वर्ष
- मोनू पुत्र हरीश निवासी अंबिकापुर थाना माली जनपद सरगुआ छत्तीसगढ़ उम्र- 24 ,
- विकास कुमार पुत्र हरेंद्र निवासी क़र्ज़ा जनपद मुजफ्फरपुर बिहार उम्र 33 वर्ष ,
- शिवम पुत्र अरुण निवासी थाना टिकरापारा जनपद रायपुर छत्तीसगढ़ उम्र 23 वर्ष
- शत्रुघन कुमार पुत्र राजकुमार निवासी जीवन नाथ थाना सरैया जनपद मुजफ्फरपुर बिहार उम्र 21 वर्ष ।












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