शहीद की पत्नी बन रही सेना में अफसर, उत्‍तराखंड की ये 'वीरांगनाएं' भी आ चुकी हैं देश सेवा के लिए आगे

शहीद दीपक नैनवाल की पत्नी ज्योति सेना में बनने जा रही अफसर

देहरादून, 20 नवंबर। उत्तराखंड को वीरभूमि कहा जाता है। जाबाजों की वीरभूमि सैन्यधाम का निर्माण हो रहा है। उत्तराखंड की वीरभूमि को ऐसे ही जाबांजो की धरती नहीं कहा जाता है। यहां से देश की रक्षा में जहां कई वीरों ने अपनी शहादत दी है, वहीं शहादत देने वाले वीरों के ​परिजनों ने भी देश की रक्षा के लिए अपना जीवन स​मर्पित ​कर दिया है। वीरभूमि की इस मिट्टी में जन्में जाबांजों ने जहां देश रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए वहीं उनकी पत्नियों ने भी अपने पति के संकल्प को पूरा करने का प्रण लेकर देश् सेवा की राह को चुना है। ऐसी ही एक वीरांगना शहीद दीपक नैनवाल की पत्नी ज्योति सेना में अफसर बनने जा रही हैं। ज्योति चेन्नई स्थित आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से पास आउट होंगी।

पत्नि ने किया शहीद पति का सपना पूरा

पत्नि ने किया शहीद पति का सपना पूरा

देहरादून जिले के हर्रावाला निवासी नायक दीपक नैनवाल 10 अप्रैल 2018 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी मुठभेड़ में घायल हुए थे। जिस कारण 20 मई को दीपक शहीद हो गए। शहीद की पत्नी ज्योति ने विपरीत परि​स्थितियों में भी ​कठिन डगर को चुना और पति की ही तरह देश सेवा का संकल्प लिया। ज्योति का कहना था कि उनके पति की भी इच्छा थी कि वे सैना में अफसर बनकर देश सेवा करें। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और आखिरकार भारतीय सेना के लिए उनका चयन हो गया है। अब वह प्रशिक्षण पूरा कर सैना में अधिकारी बन गई है। शहीद दीपक नैनवाल के दो बच्चे हैं। बेटी लावण्या और बेटा रेयांश। लावण्या कक्षा चार में पढ़ती है और रेयांश कक्षा एक में। उन्होंने पिता को फौजी वर्दी में देखा था और अब मां को अफसर बनते देखने जा रहे हैं। वह परिवार संग चेन्नई गए हैं। मां की इस उपलब्धि पर वह फख्र महसूस कर रहे हैं। रेयांश भी आगे चलकर फौजी ही बनना चाहता है।

शहीद मेजर की पत्नी बनीं इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट

शहीद मेजर की पत्नी बनीं इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट

फरवरी 2019 को दून के डंगवाल मार्ग निवासी मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी निकिता ढौंडियाल ने भी पति की शहादत के बाद देश सेवा का रास्ता चुना। ओटीए, चेन्नई में कड़ी ट्रेनिंग के बाद वह इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बन गई हैं। जब पुलवामा हमले में मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल शहीद हुए तो उनकी शादी मात्र 9 महीने पहले ही हुई थी ऐसे में उनकी मौत के बाद उनकी 27 वर्षीय पत्नी निकिता कौल ढौंडियाल विधवा हो गई थीं। लेकिन निकिता ढौंडियाल ने उस वक्त भी हार नहीं मानी और मन बना लिया था कि वो सेना को ही ज्वाइन करेंगी। उस वक्त निकिता ने कहा था कि मैं अपने पति के अधूरे काम को पूरा करना चाहती हैं।

 देश की रक्षा का संकल्प लेने वाली वीरांगनाएं

देश की रक्षा का संकल्प लेने वाली वीरांगनाएं

शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी निकिता, चंद्रबनी के शहीद शिशिर मल्ल की पत्नी संगीता और नींबूवाला के शहीद अमित शर्मा की पत्नी प्रिया सेमवाल ये कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्होंने अपनी पति की शहादत के बाद खुद अपना रास्ता चुना और पति की राह पर चलकर देश की रक्षा का संकल्प लिया।

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