OM PARVAT: ओम पर्वत से ओम और बर्फ गायब होने के मामले में आया नया अपडेट,फिर हुआ चमत्कार, जानिए क्यों छिड़ी बहस
OM PARVAT: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में हिंदूओं की आस्था का प्रतीक ओम पर्वत को लेकर कई दिनों से सोशल मीडिया में ओम और बर्फ गायब होने को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
इस बीच कुमाऊं मंडल विकास निगम का दावा है कि ओम पर्वत फिर से बर्फ से आच्छादित हो गया है। बर्फबारी होने से ओम पर्वत पर ऊँ का चिह्न फिर दिखाई देने लगा है।

ओम पर्वत हिमालय के लिए एक चमत्कार माना जाता है। जहां बर्फ गिरते ही ओम आकृति का स्वरूप नजर आने लगता है। इसे छोटा कैलाश भी कहते हैं। ओम पर्वत चीन सीमा से लगते लिपुलेख दरें के पास है। इस आकृति के कारण ही यह पर्वत ओम पर्वत नाम से मशहूर है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के अनुसार सोशल मीडिया में ओम पर्वत की बिना बर्फ की एक फोटो वायरल हो रही है। जिससे भक्तों में निराशा है। लेकिन रविवार रात को उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी होने से फिर से ओम पर्वत पर बर्फ पड़ गई है। अब यहां ऊँ स्पष्ट दिखाई देने लगा है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम का कहना है कि यह पर्वत कई बार बर्फ विहीन रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग तो इसकी बड़ी वजह है ही, साथ में यहां पर पर्यटन काफी बढ़ रहा है। टूरिज्म बढ़ने के कारण सड़कें बनाई जा रही हैं, टूरिस्ट्स की सुविधा के लिए कई स्ट्रक्चर्स बनाए जा रहे हैं, जिससे हिमालय रीजन के वातावरण पर बुरा असर पड़ रहा है।
एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि केएमवीएन का कहना है कि ओम पर्वत पर ऊँ का चिह्न फिर दिखाई देने लगा है। ये अच्छी बात है, लेकिन विषय ये है कि ग्लोबल वार्मिंग और मानवीय गतिविधियों को लेकर सरकार का क्या स्टेंड है। इसी तरह हीटवेब को लेकर इस बार लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
ओम पर्वत पिथौरागढ़ जिले से 170 किलोमीटर दूर नाभीढांग में स्थित है। इस पर्वत पर बर्फ से ओम की आकृति बन जाती है। जिसे हिंदू धर्म को मानने वाले भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं। ओम पर्वत के धार्मिक और पौराणिक महत्व का उल्लेख महाभारत, रामायण एवं वृहत पुराण, जैसे ग्रंथों में मिलता है। इसे छोटा कैलाश भी कहा जाता है। पर्वत की ऊंचाई समुद्र तल से 6,191 मीटर यानी 20,312 फीट की ऊंचाई पर है।












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