Nanda Devi Rajjat yatra विश्व की सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्रा स्थगित, सामने आई बड़ी वजह, जानिए अब कब होगी
Nanda Devi Rajjat yatra विश्व की सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्रा नंदा देवी राजजात को इस साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। यात्रा को अगले साल 2027 में कराने का फैसला लिया गयाहै। यात्रा का आयोजन करने वाली समिति के अनुसार तैयारियां पूरी न होने और मौसम अनुकूल न होने की वजह से ये निर्णय लिया गया है।
अब 23 जनवरी को मनौती के दिन 2027 की घोषणा की जाएगी। जिसमें प्रशासन को भी शामिल किया जाएगा। बता दें कि इस यात्रा का भक्तों को 12 सालों से इंतजार रहता है। जिसे हिमालयी महाकुंभ के नाम से भी जाना जाता है।

उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति से जुड़ी नंदा देवी राजजात को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। हर 12 वर्ष में आयोजित होने वाली विश्व की सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्रा नंदा देवी राजजात इस वर्ष आयोजित नहीं की जाएगी।
करीब 280 किलोमीटर लंबी यह यात्रा लगभग 20 दिनों तक चलती है, जिसे हिमालयी महाकुंभ के नाम से भी जाना जाता है। जिसकी अगुवाई चौसिंगा यानी चार सींग वाला खाडू करता है।
Nanda Devi Rajjat yatra
मान्यता है कि खाडू के जन्म के साथ ही राजजात का समय तय हो जाता है। यही खाडू यात्रा का अग्रदूत होता है, इसे मां नंदा का प्रतिनिधि माना जाता है। यह यात्रा चमोली के नौटी गांव से शुरू होकर होमकुंड तक जाती है। जो कि हिमालय की सबसे कठिन और पैदल यात्रा मानी जाती है। नंदा देवी राजजात समिति ने इसे स्थगित करने का फैसला लिया है।
Nanda Devi Rajjat yatra postponed
श्रीनंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुंवर ने चमोली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि हिमालयी क्षेत्र में यात्रा से जुड़े आवश्यक कार्य अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। मार्ग, व्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं के अधूरे रहने के कारण इस वर्ष राजजात का आयोजन संभव नहीं है।
समिति के अनुसार अब नंदा देवी राजजात का आयोजन वर्ष 2027 में किया जाएगा। समिति का कहना है कि बेहतर और सुरक्षित व्यवस्थाओं के साथ राजजात का आयोजन किया जाएगा। आगामी 23 जनवरी को इस पर निर्णय लिया जाएगा।












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