Nainital पार्किंग बनने के बाद जाम से निजात दिलाएगा ये होटल परिसर,जिन्ना और पाकिस्तान से भी रहा पुराना कनेक्शन
Nainital parking metropole hotel उत्तराखंड के नैनीताल में सालभर पर्यटकों की भीड़ रहती है। नैनीताल में सबसे बड़ी समस्या है जाम की। यहां पार्किंग न होने की वजह से पुलिस प्रशासन के पसीने छूट जाते हैं। ऐसे में अब नैनीताल में बड़ी पार्किंग बनाने के लिए पहल की गई है।
नैनीताल के पुराने मेट्रोपोल होटल परिसर में खुले स्थान को सतही पार्किंग बनाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए एनओसी दे दी है। यह अनुमति व्यापक सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए अस्थायी और तदर्थ आधार पर दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद होटल परिसर से अतिक्रमण को पिछले साल ही हटाया गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रालय को एक पत्र लिखकर होटल परिसर में खुली जगह को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किए जाने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया था।
डेढ़ हजार वाहनों की क्षमता
अब केंद्र ने इसे हरी झंडी दे दी है। इसकी पूरी संपत्ति पर पार्किंग बनी तो इसकी क्षमता डेढ़ हजार वाहनों से अधिक होगी। प्रशासन ने जो प्रस्ताव बनाया है उस हिसाब से मेट्रोपोल क्षेत्र में करीब 20 करोड़ की लागत से 500 चौपहिया और 200 दोपहिया वाहनों के लिए कार पार्किंग निर्माण होगा।
पाकिस्तान से रहा खास रिश्ता
मेट्रोपोल होटल परिसर को इसके मालिक के पाकिस्तान चले जाने के बाद 1960 में शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था। इसे 1880 में अंग्रेजों ने बनाया था और देश की आजादी के समय महमूदाबाद के नवाब के पास इसका मालिकाना हक था। स्थानीय लोगों का दावा है कि मेट्रोपोल में ने अपने हनीमून के दौरान प्रवास किया था।
जिन्ना भी ठहरे थे होटल में
मेट्रोपोल होटल को भारत पाक विभाजन के बाद साल 1965 में शत्रु संपत्ति घोषित किया गया और अब भी वह बंद है। जिन्ना अप्रैल, 1919 में नैनीताल आए थे। मेट्रोपोल होटल उस समय का प्रमुख होटल था, जिसमें देश विदेश कई प्रमुख लोग अक्सर रहने आते थे। देश का बंटवारा हुआ तो राजा महमूदाबाद पाकिस्तान चले गए थे। नैनीताल में राजा महमूदाबाद का 1.8 हेक्टेयर इलाके में मेट्रोपोल होटल था। इस होटल को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था।












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