Mohan Bhagwat हरिद्वार में 'दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव' में बोले-आरएसएस प्रमुख: 'सनातन है, था, और रहेगा '
हरिद्वार के कनखल स्थित हरिहर आश्रम में 'दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव' में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सनातन था, है और रहेगा। उन्होंने कहा कि जो बचेगा वही सनातन है।

हरिद्वार के कनखल स्थित हरिहर आश्रम में आज से तीन दिवसीय 'दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव' का शुभारंभ हो गया। दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि विश्व कल्याण की कामना हम कर रहे हैं इसमें भी भय मुक्त कामना की कल्पना करते हैं। कहा कि जो था और जो है और जो रहेगा वह सनातन है।
उन्होंने कहा कि सृष्टि का कल्याण केवल सनातन में है। ज्ञान भाषण से नहीं आचरण से आता है। अगर एक शब्द का भी आचरण कर लिया जाए तो दुनिया में परिवर्तन आ सकता है। भगवान श्री राम इसलिए पुरुषोत्तम नहीं कहलाए इसके लिए उन्होंने मर्यादाओं का पालन किया। कल्याणकारी सनातन वर्ण का पालन करें तो दुनिया का भला होगा और हमारा भी भला होगा।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सनातन सर्वे भवंतु सुखिनः की बात करते हैं। कहा जो रहेगा वह सनातन है। ज्ञान भाषण से नहीं आचरण से पहुंचता है। हम अपने आचरण से प्रमाण स्थापित करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया कि पीएम मोदी ने सबसे पहले संसद में पहुंचकर खुद को मुख्य सेवक बताया था। यही सोच सबके अंदर होनी चाहिए। कहा कि अगर हम अपना जीवन बदले तो दुनिया में बदलाव आएगा और भारत फिर से विश्व गुरु बनेगा।












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