Iran Attacks UAE: मिसाइल अटैक से दहला अबू धाबी! लगातार दूसरे दिन अटैक, क्या शुरू हो गया है तीसरा विश्व युद्ध?
Iran Attacks UAE: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान की ओर से लगातार दूसरे दिन भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं। 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद यह पहली बड़ी हिंसा है।
UAE के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इन हमलों ने तेल आपूर्ति और क्षेत्र की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

UAE Iran Conflict 2026: लगातार दूसरे दिन भीषण हमले
संयुक्त अरब अमीरात पर मंगलवार की रात ईरान ने फिर से हमला बोल दिया। सोमवार को हुए हमले के ठीक बाद यह दूसरा बड़ा प्रहार था। UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सोमवार को 15 मिसाइलें और 4 ड्रोन दागे गए थे, जिन्हें काफी हद तक इंटरसेप्ट कर लिया गया। मंगलवार को भी आसमान में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जो मिसाइलों को रोकने के दौरान हुई थीं। इन हमलों ने साबित कर दिया है कि इलाके में सीजफायर अब पूरी तरह से बेअसर हो चुका है।
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तेल डिपो और जहाजों को निशाना
इन हमलों का मुख्य उद्देश्य आर्थिक चोट पहुंचाना नजर आ रहा है। एक ड्रोन हमले की वजह से फ़ुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन में भीषण आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। इसके अलावा, ईरान ने अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी (ADNOC) के एक खाली कच्चे तेल के टैंकर को भी निशाना बनाया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। इन घटनाओं से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
ईरान का रुख और तनाव की वजह
ईरान सरकार ने सीधे तौर पर इन हमलों की जिम्मेदारी तो नहीं ली है, लेकिन एक आधिकारिक बयान में इसके लिए "अमेरिका की सैन्य मनमानी" को जिम्मेदार ठहराया है। यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने की कोशिश कर रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपनी सैन्य ताकत दिखाकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाना चाहता है, भले ही इसके लिए उसे संघर्ष विराम का उल्लंघन करना पड़े।
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राष्ट्रपति ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक शक्ति को लगभग खत्म कर दिया है और अब उनके पास केवल छोटी नावें बची हैं। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे "पागलों" के हाथ में परमाणु हथियार कभी नहीं जाने देंगे। उनके बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान पर अपनी पकड़ ढीली करने के मूड में नहीं है, जिससे टकराव और बढ़ सकता है।












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