अग्निवीर योजना एक प्रयोग, UCC से कम होंगे सामाजिक विवाद, पूर्व सैनिकों से मोहन भागवत ने कही ये बड़ी बातें
Mohan Bhagwat राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान पूर्व सैनिकों एवं पूर्व सेना अधिकारियों के साथ "प्रमुख जन गोष्ठी एवं विविध क्षेत्र समन्वित संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। डॉ भागवत ने कहा कि राष्ट्र के भाग्य निर्माण में समाज की केंद्रीय भूमिका होती है।
पूर्व सैनिकों एवं अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता, युवा पीढ़ी एवं नीतिगत विषयों पर अनेक महत्त्वपूर्ण प्रश्न रखे, जिनका डॉ भागवत ने तार्किक एवं संतुलित भाव से उत्तर दिया। समान नागरिक संहिता (UCC) को उन्होंने राष्ट्रीय एकात्मता का एक महत्त्वपूर्ण साधन बताया और कहा कि इससे सामाजिक विवाद कम होंगे।

आरक्षण के प्रश्न पर उन्होंने धैर्य एवं व्यापक सामाजिक सहमति की आवश्यकता पर बल दिया। जनसंख्या असंतुलन के मुद्दे पर उन्होंने मतांतरण, घुसपैठ और जन्मदर को कारण बताते हुए कहा कि इस पर समग्र एवं दूरदर्शी नीति बनाना समय की मांग है।
उपस्थित पूर्व सैनिकों से आह्वान करते हुए भागवत ने कहा कि सीमाओं पर लड़ने वाले सैनिकों के साथ-साथ समाज के भीतर भी सेवा और संघर्ष की उतनी ही आवश्यकता है। उन्होंने संघ के देशभर में सक्रिय 1 लाख 30 हजार से अधिक सेवा प्रकल्पों से जुड़ने का आग्रह किया और कहा कि शताब्दी वर्ष में इस सेवा यज्ञ में प्रत्येक पूर्व सैनिक की भागीदारी अत्यंत मूल्यवान होगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अग्निवीर योजना पर प्रश्न के उत्तर में भागवत ने कहा कि उत्कृष्ट नेतृत्व और सैन्य तैयारी सदैव अनिवार्य है। उन्होंने अग्निवीर योजना को एक प्रयोग बताते हुए कहा कि अनुभव के आधार पर इसमें सुधार और परिमार्जन की गुंजाइश पर विचार होना चाहिए। नेपाल, बांग्लादेश, कश्मीर एवं पड़ोसी देशों के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ये सभी ऐतिहासिक रूप से एक ही सांस्कृतिक भू-भाग के अंग रहे हैं। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत के विरुद्ध चल रही विरोधी मुहिमों के प्रति सतर्क एवं दृढ़ नीति आवश्यक है।
उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "समाज मजबूत होगा तो राष्ट्र की रक्षा भी सशक्त होगी।" समाज का संगठित सामर्थ्य ही प्रत्येक नागरिक को बलशाली बनाता है, इसीलिए समाज के नेतृत्व का चरित्रवान एवं अनुशासित होना अनिवार्य है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर क्रांतिकारी आंदोलनों तक की परंपरा का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि स्वाधीनता की ज्योति कभी बुझी नहीं। द्वितीय विश्वयुद्ध के संदर्भ में विंस्टन चर्चिल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेना ही परिपक्व राष्ट्रीय चेतना का लक्षण है।
हिंदू पहचान एवं सामाजिक समरसता पर उन्होंने कहा कि भारतीय दृष्टि जड़-चेतन को अपना मानती है और "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना इसका मूल है। धर्म ही मानवता और समाज की धारणा करने वाला तत्व है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हिंदू विचार उदार एवं समावेशी है बिना किसी परिवर्तन के भी कोई भी व्यक्ति हिंदू समाज में सम्मिलित हो सकता है। मंदिर, जल स्रोत और श्मशान जैसे सार्वजनिक संसाधन सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए।
सोशल मीडिया पर वैचारिक कटुता के प्रश्न पर भागवत ने कहा कि कटुता और वैमनस्य के स्थान पर शास्त्रार्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को पुनर्जीवित करना होगा। जमीनी स्तर पर सीधे संवाद और फीडबैक लेने से ही नीतियाँ प्रभावी बनती हैं।
भ्रष्टाचार एवं चरित्र निर्माण पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल व्यवस्था की नहीं बल्कि "नियत" की समस्या है। बच्चों में संस्कार, कमाई में बचत और समाज के लिए वितरण की भावना विकसित करना राष्ट्र निर्माण का वास्तविक आधार है। स्वार्थ से ऊपर उठकर परोपकार में आनंद खोजने की प्रवृत्ति ही एक स्वस्थ समाज का लक्षण है।
युवा पीढ़ी, पलायन एवं स्थानीय विकास के प्रश्न पर भागवत ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। गढ़वाल जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए विशेष एवं सुनियोजित प्रयास आवश्यक हैं।
-
तो इसलिए बदले जा रहे CM, गवर्नर–सीमांचल से नया केंद्रशासित प्रदेश? नया राज्य या UT बनाने के लिए क्या है नियम? -
IPS LOVE STORY: प्यार के आगे टूटी जाति की दीवार! किसान का बेटा बनेगा SP अंशिका वर्मा का दूल्हा -
T20 World Cup फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने लिया संन्यास, क्रिकेट जगत में मची खलबली, फैंस हैरान -
Balen Shah Rap Song: वो गाना जिसने बालेन शाह को पहुंचा दिया PM की कुर्सी तक! आखिर क्या था उस संगीत में? -
PM Kisan Yojana: मार्च की इस तारीख को आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! क्या है लेटेस्ट अपडेट? -
क्या कंगना रनौत ने चुपचाप कर ली सगाई? कौन है BJP सांसद का मंगेतर? इंटरनेट पर क्यों मचा हंगामा? जानें सच -
IND vs NZ Final: फाइनल से पहले सन्नाटे में क्रिकेट फैंस! आज अपना आखिरी मैच खेलेंगे कप्तान सूर्यकुमार यादव? -
UPSC में 301 रैंक पर 2 आकांक्षा सिंह! ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या वाराणसी की डॉक्टर-कौन हुआ पास, क्या है सच? -
पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद दिया इंटरव्यू, रूला देगी UPSC क्रैक करने वाली जूही दास की कहानी -
IAS IPS Love Story: 'ट्रेनिंग के दौरान कर बैठे इश्क',कौन हैं ये IAS जिसने देश सेवा के लिए छोड़ी 30 लाख की Job? -
IND vs NZ: 'झूठ बोल रहा है!' सेंटनर के बयान पर सूर्यकुमार यादव का पलटवार, फाइनल से पहले गरम हुआ माहौल -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta 8 March: आज के मैच का टॉस कौन जीता- भारत vs न्यूजीलैंड












Click it and Unblock the Notifications