उत्तराखंड में यहां बनेंगे मॉडल मदरसे,देहरादून से होगी शुरूआत,श्री राम का पाठ के साथ ही होगी ये खूबियां
उत्तराखंड में चार मॉडल मदरसे बनेंगे। जिनमें से पहला मदरसा देहरादून की मुस्लिम कॉलोनी में बनेगा। जो कि डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से मुस्लिम कालोनी में बनेगा।

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि उत्तराखंड में शुरुआत में चार मॉडल मदरसे बनने हैं। जिनमें पहला मदरसा जल्द ही डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से मुस्लिम कालोनी में बनेगा,इन मदरसों में बच्चे
भगवान श्रीराम का पाठ पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक निदेशालय में वक्फ बोर्ड की की बैठक में शिक्षा समिति की बैठक के प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
पहला मॉडल मदरसा जल्द ही डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से मुस्लिम कालोनी में बनेगा, जिसमें एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। जो सामान्य विद्यालय की तरह चलेंगे। बताया कि मदरसे में आने वाले जिन बच्चों को उर्दू, अरबी पढ़नी हैं, उन्हें इसके लिए दो घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। बच्चों को स्कूल ड्रेस और पाठ्य पुस्तकें मुफ्त दी जाएंगी। मदरसे के लिए आउटसोर्स से प्रिंसिपल और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
बता दें कि मदरसों में ड्रेस कोड लागू करने और एनसीईआरटी का कोर्स भी इंग्लिश मीडियम में पढ़ाने की तैयारी है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने नए बदलाव लागू करने का फैसला किया है। उत्तराखंड के मदरसे देश के पहले मदरसे होंगे जिनमें इस तरह के बदलाव होंगे।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि इंग्लिश मीडियम से एनसीईआरटी कोर्स और ड्रेस कोड के साथ मदरसों में शिक्षा देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा। शादाब शम्स ने बताया कि वक्फ बोर्ड प्रदेश में 103 मदरसों का संचालन करता है, जिनमें से चार जिलों-देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में स्थित सात मदरसों को 'मॉडल' मदरसा बनाने का भी निर्णय लिया गया है और वहां स्मार्ट कक्षाएं चलेंगी। इतना ही नहीं इन मदरसों में दूसरे धर्मों के बच्चे भी अगर चाहें तो पढ़ सकेंगे।












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