चम्पावत के प्रसिद्ध देवी मंदिर में चमत्कार या कुछ और, चार साल पहले हुई चोरी का सामान मिला
चम्पावत के प्रसिद्ध मां कड़ाई देवी मंदिर में हुई घटना इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सुई बिसंग के प्रसिद्ध मां कड़ाई देवी मंदिर से चार साल पूर्व चुराई गईं घंटियों को चोर मंदिर में वापस रख गए हैं। चार साल बाद हुई इस घटना को भक्त मां कड़ाई का चमत्कार मान रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुंसार मां कड़ाई देवी मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र हैं। करीब चार साल पहले चोरों ने 50 घंटियां चोरी कर ली थीं। काफी खोजबीन के बाद भी न तो घंटियां मिलीं और ना ही चोर पकड़ में आया। जिसे लोग अब भूल भी गए थे।

दो दिन पहले गांव की महिलाओं ने मंदिर से कुछ दूरी पर एक झोला पड़ा देखा। इसकी सूचना उन्होंने गांव के लोगों को दी। झोले को खोलने पर पता चला कि इसमें 20 से अधिक घंटियां रखी थीं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि झोले में रखी गईं घंटियों में जय मां कड़ाई लिखा है। इससे पता चलता है कि ये घंटियां कड़ाई मंदिर से चोरी हुईं हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोर को मां कड़ाई ने जरूर दंड दिया होगा। इसी के चलते वह घंटियों को मंदिर के पास रख गया होगा। लोग आश्चर्य में हैं कि जिन घंटियों को काफी खोजबीन के बाद भी नहीं ढूंढ़ा जा सका, उनका यूं अचानक मिल जाना देवी का चमत्कार ही है।
चंपावत में स्थित सुईं विशुंग की चार द्योली हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। यहां न्याय की गद्दी लगती है। जिसमें सुईं और विशुंग के देवता डांगरों के शरीर में अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। चार द्योली में विशुंग स्थित आदि शक्ति मां भगवती (कड़ाई देवी) सुंई चौबेगांव स्थित मां भगवती, आदित्य महादेव, भूमिया देवता एवं पऊ गांव स्थित मस्टा मंडली और गलचौड़ा के डंगरियों और पुजारियों को प्रमुख स्थान मिला है।
चार द्योली में शुमार कर्णकरायत स्थित मां कड़ाई देवी मंदिर में लोग आज भी अलौकिक शक्ति का अहसास करते हैं। यहां छोटे से कांटे के वृक्ष में मां कड़ाई का वास माना जाता है। मां कड़ाई देवी का मंदिर जितना अलौकिक है, उतनी ही विशेष इन मंदिरों से जुड़ी परंपराएं भी हैं।












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