love jihad mahapanchayat: पुरोला में 19 जून तक धारा 144 लागू, पीएमओ पहुंचा मामला, ये है पूरा अपडेट
उत्तरकाशी के पुरोला में कल होने वाली महापंचायत को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को समझाने का प्रयास विफल होने के बाद अब महापंचायत पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
उत्तरकाशी के पुरोला में कल होने वाली महापंचायत को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को समझाने का प्रयास विफल होने के बाद अब महापंचायत पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस बीच प्रशासन ने पुरोला में आज से धारा 144 लागू कर दी गई है।
महापंचायत पर ग्राम प्रधानों का संगठन भले ही नरम हो गया हो लेकिन विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल जैसे हिंदुवादी संगठनों ने खुलकर महापंचायत करने का ऐलान किया है। जिसके बाद पुरोला नगर क्षेत्र में जिला प्रशासन ने आज 14 जून से लेकर 19 जून तक धारा 144 लागू कर दी है।

एसडीएम पुरोला देवानंद शर्मा ने कहा कि धारा 144 का सख्ती से पालन होगा। पुरोला में कल महापंचायत हुई तो इसका असर देहरादून में होनी वाली 18 जून की महापंचायत पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन से लेकर शासन तक इन सभी इवेंट पर नजरें बनाए हुए हैं।
पीएमओ पहुंचा मामला
उधर पुरोला में समुदाय विशेष के पलायन का मामला प्रधानमंत्री के पास पहुंच गया है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा, कुछ लोग मामले को सांप्रदायिक रंग देकर 70 साल से उत्तरकाशी में रहे लोगों को निशाना बना रहे हैं। आयोग की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है, उत्तरकाशी से समुदाय विशेष के लोगों ने आयोग को इससे संबंधित प्रार्थना पत्र, फोटो और वीडियो भेजे हैं।
52 पूर्व नौकरशाहों ने खुला पत्र लिखा
उत्तरकाशी पुरोला विवाद को लेकर 52 पूर्व नौकरशाहों ने मुख्य सचिव और डीजीपी को एक खुला पत्र लिखा है। जिसमें राज्य में सांप्रदायिक स्थिति पर तत्काल कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया है। अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं के पूर्व नागरिक सेवक रहे इस 52 पूर्व नौकरशाहों के समूह ने चिंता जाहिर की है।
ये है मामला
बीते पुरोला नगर में रजाई गद्दे का काम करने वाले उत्तर प्रदेश निवासी एक समुदाय विशेष का लड़का और उसका दोस्त एक नाबालिग को बहला फुसलाकर टैंपों में देहरादून ले जाने की फिराक में था, जिन्हें पुरोला पेट्रोल पंप पर स्थानीय युवाओं ने पकड़ लिया था। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से उत्तरकाशी में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसका जमकर विरोध किया और बाहरी, दूसरे समुदाय के लोगों को दुकानें खाली करने की चेतावनी दे डाली। जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी जमकर हुआ। जिसके बाद से क्षेत्र का माहौल गरमा गया है। अब ये मामला पूरे उत्तरकाशी जिले में तनाव पैदा कर चुका है। इस पूरे मामले में पुरोला में 15 जून को महापंचायत बुलाई गई है।












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