'BJP की पिच पर केजरीवाल की बैटिंग', उत्तराखंड चुनाव के लिए AAP ने बनाया 3 बड़े मुद्दों का कॉकटेल
विधानसभा चुनाव में पहली बार उत्तराखंड में चुनाव मैदान में केजरीवाल की आप
देहरादून, 18 अगस्त।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी हिंदुत्व, भावनात्मक और मुफ्त बिजली के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में आकर अभी तक इन मुद्दों पर ही फोकस किया है। इसमें सबसे अहम केजरीवाल का हिंदुत्व कार्ड माना जा रहा है। केजरीवाल ने उत्तराखंड को पूरी दुनिया के हिंदुओं के लिए आध्यात्मिक राजधानी बनाने का वादा किया है। साफ है कि विधानसभा चुनाव में केजरीवाल हिंदुत्व कार्ड खेलने जा रहे हैं। इससे केजरीवाल सबसे पहले बीजेपी के परंपरागत वोटबैंक पर सेंधमारी करने की कोशिश में जुट गए हैं।
Recommended Video

सत्ता विरोधी लहर वोट को करना चाहते हैं अपने पक्ष में
उत्तराखंड में 21 सालों में बीजेपी और कांग्रेस ने एक के बाद एक प्रदेश की सत्ता संभाली है। वर्तमान में बीजेपी सत्ता में है ऐसे में केजरीवाल का पहला निशाना बीजेपी ही है। सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ जो भी सत्ता विरोधी लहर है, उसे केजरीवाल अपने पक्ष में करने की प्लानिंग में जुट गए हैं। बीजेपी हमेशा से ही हिंदुओं के वोटबैंक को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम करती है। जो कि अब केजरीवाल लपकने के मूड में है। मंगलवार को उत्तराखंड दौरे पर आए केजरीवाल ने उत्तराखंड को देवभूमि और हिंदुओं की आस्था को देखते हुए इसे हिंदुओं की आध्यात्मिक राजधानी बनाने का दावा किया है। इस बयान को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले केजरीवाल ने उत्तराखंड के जाने माने पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा का दिल्ली विधानसभा में मूर्ति स्थापित कर भारत रत्न देने की भी मांग की, जो कि उत्तराखंड की जनता से जुड़ने वाले भावनात्मक मुद्दा रहा है। इस तरह केजरीवाल ने उत्तराखंड के लोगों की भावना से खुद और पार्टी की विचारधारा को जोड़ने का प्रयास भी किया है।
हर बार आकर मुद्दों क करंट लगाते हैं केजरीवाल
अब बात जनता की मूलभूत समस्याओं की अरविंद केजरीवाल ने इससे पूर्व उत्तराखंड दौरे पर आकर आप की सरकार आने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा कर जनता की समस्याओं का समाधान तलाशने का दावा भी किया था। जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर जमकर राजनीति की थी। केजरीवाल के अब तक के उत्तराखंड दौरे हमेशा चर्चा का केन्द्र रहते हैं। वे हर बार उत्तराखंड आकर यहां की राजनीति में करट छोड़ने का काम करते हैं। केजरीवाल ने हर माह उत्तराखंड आने और यहां की समस्याओ का समाधान निकालने का वादा भी यहां की जनता से किया है। जिससे बीजेपी और कांग्रेस की नींद उड़नी तय है। लेकिन केजरीवाल के विजन को उत्तराखंड की जनता कितना स्वीकार करती है। इसके लिए अभी चुनावों तक इंतजार करना होगा। ये बात सही है कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है, और यहां के मुद्दे भी पहाड़ जैसे है। जिनमें पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसे प्रमुख मुद्दे भी शामिल है।
दिल्ली से नहीं दून से हो सरकार का भविष्य तय
आप की कॉकटेल पॉलिटिक्स को लेकर उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट का कहना है कि उत्तराखंड में अगर आप को बीजेपी और कांग्रेस के बाद तीसरा विकल्प बनना है तो उत्तराखंड की 21 सालों में जो समस्याएं रही हैं उनका समाधान तलाशना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो भी सत्ता में दल आए उनकी कुर्सी दिल्ली से तय होती रही, जिससे यहां हमेशा स्थायी सरकार नहीं चल पाई। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी दिल्ली में बैठकर सत्ता चला रहे हैं, ऐसे में यहां कौन सीएम होगा और कैसे सरकार चलाई जाएगी इसका फैसला चुने हुए विधायकों को करना चाहिए। जहां तक हिदुंत्व वोटबैंक की है तो आप अपनी अल्पसंख्यक वाली इमेज को बदलने के लिए हिंदुत्व कार्ड खेलना चाह रही है।












Click it and Unblock the Notifications