Kedarnath dham से जुड़े तीन बड़े विवाद, जमकर हुआ बवाल, क्यू आर, सोना और पैसा बना मुद्दा
केदारनाथ धाम के कपाट इस बार 25 अप्रैल को खोले गए। रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को पहुंच रहे हैं। लेकिन दो माह से भी कम समय में इस बार तीन बड़े विवाद यात्रा सीजन के साथ जुड़े गए हैं।
केदारनाथ धाम के कपाट इस बार 25 अप्रैल को खोले गए। रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को पहुंच रहे हैं। लेकिन दो माह से भी कम समय में इस बार तीन बड़े विवाद यात्रा सीजन के साथ जुड़े गए हैं। इन तीनों बड़े विवादों में मंदिर समिति की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे पहले मंदिर में पेटीएम क्यू आर कोड लगाने पर मंदिर समिति ने ही सवाल खड़े किए। इसके बाद मंदिर के गर्भ गृह में लगे स्वर्ण मंडित को पीतल बनने का आरोप लगा तो विवाद बढ़ गया। इस मामले में भी बद्री केदार मंदिर समिति को सफाई देनी पड़ी। ये विवाद अभी थमा ही नहीं कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में पैसे उड़ाने का वीडियो वायरल हो गया। जिस पर केस दर्ज करवाना पड़ा।

मंदिर में लगा क्यू आर कोड
केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जोर शोर से वायरल हुई। इस तस्वीर में मंदिर परिसर के गेट पर एक क्यू आर कोड का बोर्ड नजर आया। जो कि पेटीएम का था। जिस पर सोशल मीडिया में भी कई तरह की चर्चा सामने आई। केदारनाथ मंदिर में पेटीएम क्यूआर कोड से दान करने की चर्चा होने के बाद बड़ा खेल सामने आया है। मंदिर समिति ने सामने आकर कहा कि केदारनाथ व बदरीनाथ में मंदिरों में विभिन्न स्थानों पर डिजिटल दान के लिए लगे क्यूआर कोड श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति यबीकेटीसी की ओर से नहीं लगाए गए है। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई। लेकिन हैरानी इस बात की थी कि मंदिर परिसर में पेटीएम के इतने बड़े बोर्ड लगने के बाद भी किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया तो सच्चाई सामने आई। बताया गया कि ये क्यूआर कोड पेटीएम कंपनी की ओर से लगाए गए थे। बीकेटीसी का पेटीएम से अनुबंध हुआ है। लेकिन विगत वर्षों की अपेक्षा इस बार बड़े साइन बोर्ड लगने से असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। पेटीएम के साथ अनुबंध के बाद से मंदिर समिति को 67 लाख रुपये डिजिटल दान मिला है। श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की वर्ष 2017 में हुई बोर्ड बैठक में केदारनाथ धाम में यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पेटीएम के साथ अनुबंध करने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
गर्भगृह का सोना बना पीतल
केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में पिछली यात्रा के पूरे होने और कपाट बंद होने से पहले गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराया गया। लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने के करीब डेढ़ माह बाद विवाद खड़ा हो गया। एक तीर्थ पुरोहित ने सोने के पीतल बनने का आरोप लगा दिया। चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्षए केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित आचार्य संतोष त्रिवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैए जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया सोनाए पीतल में बदल गया है। इन आरोपों के बाद मंदिर समिति ने पहले ही एक बयान जारी कर साफ किया कि जिस दानदाता ने सोना चढ़ाया उन्हीं ने अपने स्तर से इस पूरे काम को करवाया था। इस पूरे विवाद से बीकेटीसी ने पहले ही खुद को किनारा कर दिया। इतना ही नहीं इसके बाद केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की जलेरी यस्वयं लिंग के चारों तरफ का क्षेत्र पर सोने का बर्क लगाया गया है। इसके उपर एक्रैलिक की पारदर्शी परत भी लगाई गई हैए ताकि सोने की पालिश को नुकसान न पहुंचे। बताया गया है कि इस कार्य के लिए दानदाता ने ही कारीगर भेजे थे।
गर्भ गृह में पैसे उड़ाने का वीडियो वायरल
बीते दिनों केदारनाथ के गर्भ गृह का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ। वीडियो में एक महिला गर्भ गृह में नोट उड़ाते हुए दिख रही है। इतना ही नहीं इस वीडियो में तीर्थ पुरोहित भी नजर आ रहे हैं। जो कि न इस महिला को ऐसा करने से रोक रहे हैं। न हीं वीडियो बनाने से। इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद से सोशल मीडिया में लोग लगातार गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और इसे आस्था के साथ भारी खिलवाड़ बता रहे हैं। गर्भ गृह में इस तरह का मामला सामने आने के बाद बाबा केदार के भक्तों में भी नाराजगी साफ देखी गई। मामला उछला तो मंदिर समिति ने वीडियो का संज्ञान लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।












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