कौन बनेगा सीएम:गुजरात मॉडल से लेकर भगतदा की पसंद पर विचार, होली तक करना पड़ सकता है इंतजार

पार्टी में मंथन शुरू, होली तक का करना पड़ सकता है इंतजार

देहरादून, 12 मार्च। उत्तराखंड में स्पष्ट बहुमत की सरकार आने के बाद भी भाजपा नई सरकार की गठन को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री का चयन करना है। जो कि 5 साल तक पूर्ण बहुमत की सरकार चला पाए। इसके लिए गुजरात मॉडल या महाराष्ट्र के गर्वनर भगत सिंह कोश्यारी की सलाह भी पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है। इस बीच पार्टी में मंथन तो शुरू हो गया है लेकिन नए सीएम को लेकर होली तक का इंतजार भी करना पड़ सकता है। उत्तराखंड मेंं 23 मार्च तक नई सरकार का गठन होना अनिवार्य है।

Kaun Banega CM - From Gujarat model to Bhagatdas choice, may have to wait till Holi

धामी को लेकर कई विधायक खुलकर आए सामने
प्रदेश का 11वां सीएम कौन होगा। इसको लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं। सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रिपीट करने की हो रही है। अब तक विधायकों में से कई विधायकों ने भले ही खुलकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट छोड़ने का प्रस्ताव रखा हो, लेकिन उपचुनाव में जाना और धामी के जीतने की गारंटी को लेकर हाईकमान को जरुर मंथन करना होगा। ​जो कि धामी के खिलाफ जा रहा है। इस बीच पार्टी के अंदर दो तरह की चर्चाएं भी तेज हैं। पहला उत्तराखंड में गुजरात मॉडल की तरह कोई नया चेहरा सीएम बनाने को लेकर भी अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी की सलाह से सीएम बनने की भी सियासी गलियारों में चर्चा आम है। 2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत हों या बाद में पुष्कर सिंह धामी दोनों ही भगतदा की पंसद मानी जाती हैं। ऐसे में हाईकमान एक बार फिर भगतदा के पाले में गेंद फेंक सकते हैं। इसके अलावा पार्टी में पहली बार महिला मुख्यमंत्री पूर्व सीएम बीसी खंडूरी की बेटी ऋतु खंडूरी को सीएम बनाने की मांग भी तेजी से उठने लगे हैं। विधायकों में धन सिंह रावत और सतपाल महाराज अब भी रेस में बताए जा रहे हैं। जो कि धामी के बाद दूसरा विकल्प बने हुए हैं।

होली के बाद ही सरकार का गठन

इधर भाजपा में शुभ मुहुर्त को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। जिसके लिए होली का इंतजार करने की बात हो रही है। उम्मीद लगाई जा रही है कि भाजपा होली के बाद ही नई सरकार के गठन में जुटे। इससे पहले सीएम को लेकर मंथन पूरा कर लिया जाएगा। सोमवार से उत्तराखंड में सियासी उठापटक तेज हो सकती है। इस बीच कई नेताओं की दिल्ली दौड़ की भी खबरें लगातार सामने आ रही है। नरेंद्रनगर से विधायक सुबोध उनियाल के अचानक दिल्ली जाने से भी ​शनिवार को देहरादून में सियासी पारा चढ़ा रहा। हालांकि बाद में वह उनियाल का अन्य कारण से दिल्ली जाने की जानकारी मिली। इसके साथ ही देहरादून में पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। ​शनिवार को देहरादून में दावेदारों की धड़कनें तब तेज हो गई जब राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष से केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट की दिल्ली में मुलाकात हुई। अजय भट्ट का भी दावा मजबूत माना जा रहा है। इसके साथ ही अजय भट्ट का सलाह भी भाजपा हाईकमान के लिए अहम मानी जा रही है। साथ ही कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्रलाद जोशी भी देहरादून से दिल्ली पहुंचकर अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे।

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