कांवड़ यात्रा में इस बार आ सकते हैं करोड़ों कांवड़िये, यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस का स्पेशल प्लान तैयार
14 जुलाई से है कांवड़ यात्रा, पुलिस ने शुरू की तैयारियां
देहरादून, 28 जून। 14 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा को लेकर इस बार उत्साह को देखते हुए 4 करोड़ से अधिक कांवड़िये आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में कांवड़ क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सैक्टर में विभाजित किया गया है, जिसमें लगभग 9-10 हजार कर्मी पुलिस व्यवस्था में लगेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्रोन, सीसीटीवी का इस्तेमाल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को बढ़ाया जाएगा।

6 स्टेट के साथ समन्वय से होगा काम
चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु आने के बाद अब कांवड़ यात्रा में भी इस बार रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है। मानसून आने से चारधाम यात्रा अब स्लो हो गई है। लेकिन कांवड़ यात्रा का समय आने वाला है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। कांवड़ यात्रा को लेकर 17 वीं अन्तर्राज्यीय व अन्तरइकाई समन्वय बैठक (17th Inter State & Inter Agencies Co-ordination Meeting) का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तराखंड के अलावा उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, रेलवे सुरक्षा बल, आसूचना ब्यूरो के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष और ऑनलाइन प्रतिभाग किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि 14 से 26 जुलाई तक कांवड़ यात्रा है। कांवड़ एक बहुत बड़ा धार्मिक आयोजन है। सभी को इसकी चुनौतियों का पता है। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित थी। इस बार काफी अधिक संख्या में शिवभक्तों के आने की संभावना है। इस बैठक का उद्देश्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान व अन्य एजेन्सियों के पारस्परिक सहयोग से कांवड़ यात्रा को सकुशल व शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों से अभी से कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस प्रबन्ध किये जाने की तैयारियों में लगने की अपेक्षा की, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े।
हरिद्वार से हटकर तैयार किये गये अलग रुट का भी प्रचार
शिवभक्तों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की जायेगी की कांवड़ यात्रा को शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि सीमावर्ती प्रदेशों से अपेक्षा की जाती है कि कांवड़ यात्रा के मार्गों का अपने-अपने जनपदों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान चारधाम,मसूरी और देहरादून आने वाले यात्रियों को लिए हरिद्वार से हटकर तैयार किये गये अलग रुट का भी प्रचार-प्रसार किया जाये। घटनाओं एवं तत्काल सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए सीमावर्ती जनपदों के जनपद, सर्किल, थाना एवं चौकी स्तर पर संयुक्त व्हट्सएप ग्रुप बना लिए जाएं। जिससे यात्रा को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।












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