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झारखण्ड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या की कहानी, ग्रेटर नोएडा के फ्लैट में रची साजिश, जिम बना हथियार

Jharkhand history-sheeter Vikram Sharma murder झारखण्ड के कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसटीएफ और दून पुलिस ने मिलकर इस पूरे हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड में शामिल 6 अन्य बदमाशों की भी तलाश जारी है।

पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्तों द्वारा कई माह पूर्व विक्रम शर्मा को जमशेदपुर और ग्रेटर नोएडा में मारने की योजना बनाई गई थी। लेकिन जब काम नहीं हुआ तो देहरादून में विक्रम शर्मा को गोली मारकर हत्या की गई।

Jharkhand history-sheeter Vikram Sharma hatya crime story hatched Greater Noida flat gym as weapon

इसके लिए साजिश रचकर तीन माह पहले उसी जिम को ज्वाइन किया गया, जिसमें विक्रम शर्मा जाता था, इसी जिम से बाहर निकलते ही बदमाशों ने विक्रम को गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद बदमाश हरिद्वार से रेंट पर ली गयी स्कूटी और बाइक के जरिए फरार हुए।

बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र मोहित

पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल की गई गाड़ियों की आईडी के आधार पर ग्रेटर नोएडा से मोहित उर्फ अक्षत को पकड़ा। उसने बताया कि वह नोएडा स्थित एक निजि यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र अपने 02 अन्य साथियों के साथ रह रहा है। कुछ वर्ष पूर्व उसके मामा विकास महतो द्वारा उसकी मुलाकात आशुतोष से कराई गई थी तथा आशुतोष के माध्यम से लगभग 04 वर्ष पहले वह विशाल सिंह तथा अंकित से मिला था।

जेल में विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद

लगभग 02 वर्ष पूर्व टाटा नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले की घटना में आशुतोष जेल गया था तथा कुछ समय बाद अमन सिंह के कहने पर विशाल द्वारा अमरनाथ नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसमें विशाल जेल चला गया था। जेल में विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था, जिसके चलते विक्रम शर्मा द्वारा जेल में बंद अपने गुर्गों के माध्यम से विशाल को काफी परेशान किया गया था। इस सम्बन्ध में विशाल द्वारा जेल से बाहर आने के बाद आशुतोष को बताया गया।

अपराध की दुनिया में अपनी धाक जमाना चाहता था आशुतोष

अभियुक्त आशुतोष पूर्व में भी आपराधिक घटनाओ में जेल गया था तथा विक्रम शर्मा का अपराध की दुनिया में काफी वर्चस्व था तथा उसकी हत्या कर अभियुक्त अपराध की दुनिया में अपनी धाक जमा सकता था, जिसके चलते उसके द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनाई गई।

विक्रम शर्मा द्वारा यशराज से रंगदारी की डिमांड की गई थी

आशुतोष, सारिका इन्टरप्राइजेज के मालिक यशराज का परिचित था तथा उसे जानकारी थी कि यशराज भी विक्रम शर्मा से काफी परेशान चल रहा है, क्योंकि यशराज की कम्पनी सारिका इन्टरप्राइजेज का रेलवे में फूड सप्लाई का कान्ट्रैक्ट था तथा विक्रम शर्मा भी उक्त कान्ट्रैक्ट को हासिल करना चाहता था तथा उसके द्वारा पूर्व में भी यशराज से रंगदारी की डिमांड की गई थी, जिसके चलते आशुतोष द्वारा अपनी इस योजना के सम्बन्ध में यशराज को बताया गया तथा यशराज द्वारा भी विक्रम शर्मा की हत्या में उसे सहयोग करने की बात कही गई।

जमशेदपुर में ही मारना चाहते थे

अभियुक्त विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में ही मारना चाहते थे, पर जमशेदपुर में विक्रम शर्मा के साथ हर समय काफी लोगों के रहने के कारण वो अपनी योजना को अंजाम नहीं दे पाये। जिसके बाद अभियुक्तों को विक्रम शर्मा के नोएडा में भी आने-जाने की जानकारी मिली, जिस पर अपनी योजना को अंजाम देने के लिये अभियुक्तों द्वारा नोएडा में अंकित वर्मा के नाम से एक फ्लैट किराये पर लिया पर नोएडा में भी मौका न मिलने पर उनके द्वारा देहरादून में विक्रम की हत्या की योजना बनाई तथा उसकी दिनचर्या की जानकारी के लिये अंकित वर्मा द्वारा उसी जिम को ज्वाईन कर लिया गया, जहां विक्रम शर्मा रोज जाया करता था।

फोन कर विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी

घटना के दिन भी अंकित वर्मा द्वारा ही आशुतोष को फोन कर विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी थी तथा आशुतोष तथा विशाल द्वारा जिम से बाहर आते समय विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आशुतोष, विशाल अपने एक अन्य साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से रेंट पर ली गई बाइक व स्कूटी से हरिद्वार पहुँचे तथा उक्त स्कूटी व बाइक को वापस कर पहले से ही हरिद्वार में खडी की गई यशराज की स्कार्पियो से घटना के दिन ही नोएडा स्थित मोहित के फ्लैट में पहुंचे।

रूकने तथा उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था मोहित द्वारा की गई

मोहित के घटना के दिन देहरादून में होने के कारण उनके द्वारा उससे फोन पर सम्पर्क कर स्कार्पियों वाहन को पार्किंग में खडा करवाने की बात कही गई। अगले दिन मोहित के वापस नोएडा पहुंचने पर अभियुक्तों द्वारा उसे देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या करने की बात बताते हुए स्कार्पियो वाहन को उसी के पास छोड दिया तथा वहां से अलग-अलग स्थानों को चले गये, इस दौरान अभियुक्तों के रूकने तथा उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था मोहित उर्फ अक्षत द्वारा की गई थी।

गिरफ्तार अभियुक्त:-

  • अक्षत ठाकुर पुत्र प्रभास ठाकुर उर्फ संजीव कुमार निवासी एमई स्कूल रोड़ बाबा बरूदा अपार्टमेन्ट फ्लैट नम्बर बी-1 जुगसलाई, जमशेदपुर, झारखण्ड
  • राजकुमार पुत्र शिवदत्त निवासी- गाराबास बाग बेड़ा, जमशेदपुर, झारखण्ड

वांछित अभियुक्त:-

  • अंकित वर्मा पुत्र अरूण वर्मा निवासी टंगरा जिला जमशेदपुर झारखण्ड
  • आशुतोष सिंह पुत्र उपेन्द्र सिंह निवासी जमशेदपुर झारखण्ड, उम्र -26 वर्ष
  • विशाल सिंह पुत्र सुभाष सिंह निवासी गराबासा बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड उम्र 28 वर्ष
  • आकाश कुमार प्रसाद पुत्र अरूण प्रसाद निवासी बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड उम्र करीब 28 वर्ष
  • यशराज पुत्र राजकुमार निवासी जमशेदपुर झारखण्ड
  • जितेन्द्र कुमार साहु पुत्र मुन्ना साहु निवासी: पूर्वी सिंहभूम झारखण्ड
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