Uttarakhand news: चमोली करंट हादसे की जांच पूरी, 175 पेज की रिपोर्ट में एसटीपी हादसे का सच, जानिए
चमोली में बीते 19 जुलाई को हुए एसटीपी हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच डा.अभिषेक त्रिपाठी को सौंपी गई थी। एडीएम ने लगभग 175 पेज की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी हिमांशु खुराना को सौंप दी।
उत्तराखंड के चमोली में हुए करंट हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट एडीएम डा.अभिषेक त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन ये दावा किया जा रहा है कि एसटीपी के एसटीपी के रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरती गई है। ऐसे में रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही ये सच सामने आ पाएगा कि आखिर इस हादसे के लिए कौन दौषी है, जिस वजह से 16 लोगों की जान चली गई।

चमोली में बीते 19 जुलाई को हुए एसटीपी हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच डा.अभिषेक त्रिपाठी को सौंपी गई थी। एडीएम ने लगभग 175 पेज की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी हिमांशु खुराना को सौंप दी। अभी रिपोर्ट को लेकर किसी भी तरह की बात सार्वजनिक नहीं हो पाई है। लेकिन एसटीपी की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी पहले ही दिन से सवालों के घेरे में है। इसके साथ ही एसटीपी में रखे गए उपकरणों के रखरखाव भी जांच के दायरे में रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर इन बातों का खुलासा होना संभव माना जा रहा है।
शासन के पास रिपोर्ट पहुंचने के बाद इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई संभव है। हालांकि उत्तराखंड के इस इतिहास में अब तक के इस तरह के अकेले हादसे की जांच रिपोर्ट का इंतजार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी है। जो कि इस हादसे के लिए दोषी लोगों पर लगातार सख्त कार्रवाई करने की बात कर चुके हैं। साथ ही कई लोगों पर कार्रवाई भी हो चुकी है।
बीती 19 जुलाई को चमोली में एसटीपी में करंट फैलने से 16 व्यक्तियों की मौत हो गई थी, जबकि 12 व्यक्ति झुलस गए थे। एसटीपी का संचालन जयभूषण मलिक कांट्रेक्टर (पटियाला) और कांफिडेंट इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. (कोयंबटूर) संयुक्त रूप से करती हैं।
मामले में अब तक कंपनी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर गैरइरादतन हत्या व विद्युत उपकरणों के संचालन में लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस ऊर्जा निगम के लाइनमैन महेंद्र सिंह, जल संस्थान के सहायक अभियंता हरदेव लाल आर्य, एसटीपी संचालक कंपनी के परियोजना प्रबधंक भाष्कर महाजन व सुपरवाइजर पवन चमोला को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।












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