Uttarakhand: 22 किमी पैदल ट्रैकिंग पर निकले डीएम, पर्यटन की संभावनाएं और ग्रामीणों की समस्याओं का किया समाधान
पौड़ी के डीएम डॉ आशीष चौहान ने ऋषिकेश-बद्रीनाथ प्राचीन तीर्थाटन पैदल मार्ग पर 22 किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग की। इस दौरान डीएम ने पर्यटन के नए सर्किट में शुरू करने की संभावना भी तलाशी।

पौड़ी जिले के डीएम डॉ आशीष चौहान ने ऋषिकेश-बद्रीनाथ प्राचीन तीर्थाटन पैदल मार्ग पर 22 किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग की। इस दौरान डीएम ने इस रुट को भविष्य में पर्यटन के नए सर्किट में शुरू करने की संभावना भी तलाशी। साथ ही डीएम ने पैदल रास्ते में आने वाले ग्रामीणों से उनके हालचाल और समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
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22 किलोमीटर की पैदल ट्रेकिंग
उत्तराखंड में धामी सरकार लगातार पर्यटन और तीर्थाटन की नए संभावनाओं पर काम कर रही है। इसके लिए पुराने ट्रैकिंग मार्ग को भी नए सिरे से पर्यटन सर्किट के रुप में दोबारा शुरू करने की प्लानिंग पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में पौड़ी जिले के डीएम डॉ आशीष चौहान ने ऋषिकेश- बद्रीनाथ तीर्थाटन पैदल मार्ग सिमालो गांव से नांद गांव तक 22 किलोमीटर की पैदल ट्रेकिंग की।

साइकिलिंग, कयाकिंग सहित अन्य गतिविधि भी शामिल की जाएगी
डीएम ने कहा कि ऋषिकेश- बदरीनाथ प्राचीन तीर्थाटन पैदल मार्ग का जीणोद्धार किया जाएगा। जिससे इन क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पहले जैसे बनी रहेगी। कहा की पर्यटकों के आने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि ऋषिकेश- बद्रीनाथ पैदल मार्ग पर साइकिलिंग, कयाकिंग सहित अन्य गतिविधि भी शामिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर पड़ने वाले पुराने डाक बंगले व धर्मशालाओं का भी जीणोद्धार किया जाएगा। जिससे पर्यटकों को ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। इस दौरान उन्होंने पैदल मार्ग पर पढ़ रहे विभिन्न गांवों में ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनी।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनी
वहीं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सिंगटालि पुल को लेकर अपनी बात रखी। पैदल ट्रैकिंग में वन विभाग, पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग अधिकारी-कर्मचारी व स्थानीय लोग शामिल थे। डीएम ने ऋषिकेश से बद्रीनाथ तीर्थाटन पैदल मार्ग पर ट्रेकिंग करते हुए बीच-बीच में पढ़ने वाले ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

समस्याओं का निराकरण किया जाएगा
जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आए। इस दौरान डीएम सीमालू, महादेव चट्टी, किनसूर, घेड़, बिलोगी, घाँगुगढ़ सिंकटाली सहित विभिन्न गांवों में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जो समस्या अवगत हुई है जल्द उन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

तीर्थाटन, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संभावनाएं तलाशी
डीएम ने रास्ते में पड़ने वाले गंगा के व्यू वनस्पति और वन्य जीव की जैव विविधता तथा प्राकृतिक झरनों व पानी के स्रोतों से अभिभूत हुए। उन्होंने तीर्थाटन व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक संभावनाएं तलाशी। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा की प्राचीन ऋषिकेश बदरीनाथ तीर्थाटन पैदल मारकापुर रोड द्वार होने से इसके मार्ग पर पड़ने वाले गांव और ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत होगी।












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