Himanshu Pandey: पिता हल्द्वानी में चलाते हैं गाड़ी, बेटे ने तीसरे अटेम्ट में टॉप किया UPSC सीडीएस एग्जाम
Himanshu Pandey: पिता हल्द्वानी में चलाते हैं गाड़ी, बेटे ने तीसरे अटेम्ट में टॉप किया UPSC सीडीएस एग्जाम
हल्द्वानी, 05 जून: यूपीएससी संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा 2021 का फाइनल रिजल्ट 03 जून को अधिकारिक वेबसाइट पर घोषित हो चुका है। इस एग्जाम में उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी हिमांशु पांडे ने ऑल इंडिया स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। हिमांशु पांडे ने यह एग्जाम कोई एक या दो साल में क्लियर नहीं किया, बल्कि यह मुकाम पांच तक निरंतर मेहनत के बाद पाया है।

हिमांशु पांडे के पिता चलाते है गाड़ी
हिमांशु पांडे की मानें तो इस एग्जाम में वो कई बार असफल हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे अटेम्ट में वह हुआ, जिस पर अब हर कोई गर्व महसूस कर सकता है। बता दें कि हिमांशु पांडे के पिता कमल पांडे एक निजी कंपनी में चालक के पद पर तैनात है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमल पांडे खुद सेना का हिस्सा बनना चाहते थे। लेकिन किसी वजह से वो (कमल पांडे) सेना का हिस्सा नहीं बन सके। जब कमल पांडे खुद सेना में भर्ती नहीं हो सके तो बेटे को फौज में भेजने का सपना उनकी आंखों में तैरने लगा।

सीडीएस की तैयारी 2017 में शुरू की थी हिमांशु ने
इसके लिए वो अपने बेटे हिमांशु को प्रेरित भी करने लगे। हिमांशु पांडे ने सीडीएस परीक्षा की तैयारी 2017 से शुरू कर दी थी और 2017 में पहली बार एनडीए की परीक्षा दी। सीडीएस की तैयारी हिमांशु ने बीटेक की पढ़ाई के दौरान भी जारी रखी। बीटेक के बाद सीडीएस की तैयारी में जुट गए। तीन बार सीडीएस की परीक्षा दी। लिखित परीक्षा में हर बार सफल रहते, लेकिन पहली बार मेडिकल तो दूसरी बार में एसएसबी के साक्षात्कार में अटक गए।

कई असफलताओं के बाद भी नहीं टूटा हिमांशु का हैसला
कई असफलताओं के बाद भी हिमांशु का हौसला नहीं टूटा। हिमांशु पांडे ने लगातार मेहनत करते रहे और तीसरे अटेम्ट में टॉप किया। हिमांशु की मानें तो कोरोना काल में लॉकडाउन के समय उन्हें परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिली। हिमांशु की बड़ी बहन भावना अहमदाबाद में एसबीआई में असिस्टेंट मैनेजर हैं। छोटा भाई योगेश बीकॉम की पढ़ाई कर रहे हैं। हिमांशु पांडे बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं।

बचपन से ही काफी मेधावी छात्र है हिमाशु पांडे
हिमांशु पांडे ने इंटर में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने बीटेक करने के लिए सेल्फ स्टडी की और विपिन चंद्र त्रिपाठी इंजीनियरिंग कॉलेज द्वाराहाट अल्मोड़ा में दाखिला लिया। हिमांशु ने बताया कि उन्हें आगे बढ़ाने में उनके माता-पिता, दीदी और दोस्तों का हाथ रहा है। डेढ़ साल की ट्रेनिंग के लिए वह अब इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून जाएंगे।












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