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हरक सिंह रावत के 3 बयान, जो दे रहे भाजपा से मोहभंग और कांग्रेस में जाने के संकेत

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देहरादून, 26 अक्टूबर। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार​ फिर दलबदल की चर्चाएं तेज हैं। जिसमें सबसे ज्यादा फोकस सियासी दलों की हरक सिंह रावत पर है। हरक सिंह रावत ​सियासत के पुराने खिलाड़ी हैं। जो कि हमेशा अपनी राजनैतिक फैसले से सबको परेशान करते रहते हैं। 2016 में हरक सिंह रावत ने कांग्रेस में बगावत कर भाजपा का दामन थामा, जिससे हरीश रावत को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, अब हरक सिंह कांग्रेस में जाने के संकेत दे रहे हैं। जिससे भाजपा के अंदर सियासी तूफान आया हुआ है। भाजपा तो हरक को मनाने के लिए दांव पेंच भी चल रही है। लेकिन पिछले कई दिनों से हरक सिंह कांग्रेस और हरीश रावत को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर दिखा रहे हैं। आइए जानते हैं बीते दिनों में हरक सिंह ने क्या बयानबाजी की है। जो खासा चर्चाओं में है।

हरीश से मांगी माफी, बड़े भाई कहा

हरीश से मांगी माफी, बड़े भाई कहा

हरीश रावत ने यशपाल आर्य के कांग्रेस में वापसी के बाद बागियों को कांग्रेस में न आने की बात कही। साथ ही बागियों को लोकतंत्र का महापापी कहते हुए माफी मांगने की तक शर्त रख दी। इसके बाद से हरक और हरीश में ​जुबानी जंग जारी रही। लेकिन अचानक ​हरक सिंह रावत ने हरीश रावत को लेकर अपने सुर बदल दिए। हरक ने कहा कि वह अब हरीश रावत के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे,हरक सिंह रावत ने हाथ जोड़ते हुए कहां है कि वह हरीश रावत के चरणों में नतमस्तक हैं,हरीश रावत का हर शब्द उनके लिए आशीर्वाद है फूल के समान है। अब वह हरीश रावत के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे। हरीश रावत उनके बड़े भाई हैं इसलिए वह माफी मांग रहे हैं।

अपने वर्तमान कार्यकाल को बताया फेलियर

अपने वर्तमान कार्यकाल को बताया फेलियर

हरीश रावत से माफी मांगने के बाद हरक सिंह ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर खुद के इस कार्यकाल को फेलियर बताया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में वह जनता के सबसे कम काम करा पाए। कोविड भी इसका एक कारण रहा। कोटद्वार मेडिकल कालेज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी राह में उसी तरह के रोड़े अटकाए गए, जैसे दून मेडिकल कालेज की राह में अटकाए गए थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी घेरा। हरक ने कहा कि टद्वार मेडिकल कालेज के लिए वह जितनी बार त्रिवेंद्र के सामने गिड़गिड़ाए, वैसा शायद ही किसी अन्य मामले में हुआ हो। इससे पहले भी त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ खुलकर बैटिंग करते हुए नजर आए थे, जब ढेंचा बीज घोटाले पर हरक ने बयानबाजी की। इसके बाद से वे भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर हमलावर रहे।

मुख्यमंत्रियों को नालायकों और बेवकूफों तक कहा

मुख्यमंत्रियों को नालायकों और बेवकूफों तक कहा

हरक सिंह यहीं नहीं रूके हरक सिंह ने अब तक के मुख्यमंत्रियों को नालायकों और बेवकूफों तक कह ​डाला।कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का ​बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ है। मसूरी में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरक सिंह रावत वीडियो में कहते हुए नजर आ रहे हैं कि राज्य आंदोलनकारियों की आत्माएं रो रही होंगी। उन सैकड़ों लोगों की आत्माएं रो रही होंगी, जिन्होंने उत्तराखंड के लिए बलिदान दिया है। कि हमनें नालायकों और बेवकूफों के हाथों में उत्तराखंड सौंप दिया है। इतना ही नहीं हरक सिंह जब मंच पर बैठे हैं तो एक वक्ता कहते हुए नजर आए कि मुख्यमंत्री बदल रहें हैं, जिनकों मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, जिनको कमान सौंपनी चाहिए, उनको मौका नहीं दे रहे हैं और ऐसे लोगों को ला-लाकर मुख्यमंत्री बना रहे हैं, कह रहे हैं ये नालायक आदमी है इसे बदल दो। अरे भाई नालायकों को हमारे सिर पर काहे बैठा रहे हो। ऐसे लोगों को लाइये जो यहां पर बैठे है। प्रदेश का भला करेंगे और प्रदेश को आगे बढ़ाएंगे।

ये भी पढ़ें-यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने के बाद अब दलित वोटर को अपने पक्ष में करने का ये है भाजपा का प्लानये भी पढ़ें-यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने के बाद अब दलित वोटर को अपने पक्ष में करने का ये है भाजपा का प्लान

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English summary
Harak Singh Rawat's 3 statements, which are giving indications of Harak's disillusionment with BJP and going to Congress
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