हरक सिंह के पास कांग्रेस में जाने के अलावा अब नहीं कोई विकल्प, अब हरीश रावत की शर्त को मानना जरुरी, जानिए कैसे
पूर्व सीएम हरीश रावत ने रखी थी हरक सिंह को कांग्रेस में आने से पहले सार्वजनिक माफी मांगने की शर्त
देहरादून, 17 जनवरी। उत्तराखंड में भाजपा ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को बर्खास्त कर हरक सिंह के सामने चुनाव से पहले नए विकल्प तलाशने को मजबूर कर दिया है। हालांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि हरक सिंह ने खुद ये पूरी पटकथा लिखी है। ऐसे में अब हरक सिंह के फिर से कांग्रेस ज्वाइन करने की खबरें मीडिया में सामने आ रही है। ऐसे में हरक सिंह रावत के राजनीतिक कदम का अब सबको इंतजार है। लेकिन इन सबके बीच पूर्व सीएम हरीश रावत का हरक सिंह को कांग्रेस में आने से पहले सार्वजनिक माफी मांगने की शर्त को लेकर भी अब कयासबाजी शुरू हो गई है।

टिकटों का दवाब बना प्रमुख कारण
आखिरकार लंबे समय से हरक सिंह रावत को लेकर असहज महसूस कर रही भाजपा ने बड़ा फैसला लेते हुए हरक सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। हरक सिंह रावत के कांग्रेस में जाने की चर्चा और अपनी बहू के लिए टिकट की मांग पर अड़ना भाजपा से उनके बाहर जाने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। लेकिन ये बात साफ है कि कुछ दिनों पहले मोदी और भाजपा का गुणगान करने वाले हरक अब कांग्रेस और गांधी परिवार का गुणगान करते हुए नजर आएंगे। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी इस पर कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। लेकिन हरक सिंह के पास अब कोई विकल्प बचता हुआ नजर नहीं आ रहा है। सूत्र दावा कर रहे हैं कि देहरादून में हुई कोर ग्रुप की बैठक बुलाए जाने के बाद से ही हरक सिंह ने कांग्रेस के संपर्क में थे, उनकी पहली शर्त अपनी बहू अनुकृति गुंसाई को लैंसडाउन सीट से टिकट दिलाना था, जो कि भाजपा ने साफ इनकार कर दिया था। अब हरक सिंह को बाहर कर भाजपा ने अपना इरादा जाहिर कर दिया है। ये बात अलग है कि हरक सिंकह के कई दिनों से भाजपा छोड़ने की खबरें सामने आने लगीा थी। जिसके बाद से हरक सिंह के कांग्रेस ज्वाइन करने की खबरें भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थी। लेकिन अब हरक सिंह के कांग्रेस जाने की खबरों पर ज्यादा संशय नहीं रह गया है।
हरीश रावत की शर्त को मानना होगी मजबूरी
भाजपा से हटाए जाने के बाद भी हरक सिंह लगातार मीडिया को बयान देकर कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा करते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि वे कांग्रेस से अब बातचीत करने की बात कर रहे हैं। जिसमें अब सबसे बड़ी भूमिका पूर्व सीएम हरीश रावत की होगी। हरीश रावत और हरक सिंह के बीच 2016 से चले आ रहे जुबानी जंग का अंत किस तरह होता है या फिर हरक सिंह कांग्रेस में जाने के लिए किसी भी तरह की शर्त रख पाते हैं या नहीं इस बात का भी सबको इंतजार है। हरक सिंह को कांग्रेस में आने की खबरों के बाद से ही हरीश रावत हरक सिंह से सार्वजनिक माफी मांगने की बात करते आ रहे हैं। जोकि हरक सिंह ने 2016 में कांग्रेस की सरकार को गिराने के लिए बगावत की थी। तो क्या हरक सिंह के कांग्रेस में वापसी के लिए हरीश रावत किस तरह से इसका बदला लेंगे। ये भी देखना दिलचस्प होगा। पूर्व सीएम हरीश रावत ने 2016 में कांग्रेस सरकार के समय हुई बगावत के लिए हरक सिंह रावत समेत सभी बागी विधायकों को दोषी माना था। जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। हरीश रावत ने ऐसे बागियों को उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की थी। ये बात हरीश रावत ने हरक सिंह के कांग्रेस में वापसी को लेकर कही थी। अब जब हरक सिंह कांग्रेस में आने की बात कर रहे हैं तो हरीश रावत की इस बात को लेकर भी चर्चा होनी तय है। कांग्रेस के अंदर इस समय हर निर्णय हरीश रावत से राय लिए बिना नहीं हो रहे हैं। हरीश रावत ही चुनाव अभियान समिति की कमान संभाले हुए हैं।












Click it and Unblock the Notifications