पूर्व सीएम हरीश रावत ने चला ब्राह्रमण कार्ड, भाजपा ने लगाया बहुसंख्यक हिंदुओं को विभाजित करने का आरोप
हरीश रावत ने चला ब्राह्रमण कार्ड, भाजपा हुई हमलावर
देहरादून, 29 जनवरी। उत्तराखंड में मतदान से पहले सभी सियासी दल जनता को लुभाने में लगे हैं। इसके लिए हर कोई अपने-अपने समीकरणों को साधने में लगे हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ब्राह्रमण कार्ड खेल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो ब्राह्मण समाज के कल्याण के लिए आयोग बनाएंगे जो उनकी सामाजिक स्थिति का अध्ययन करेगा। इसके अलावा पांचों प्रयागों में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित की जाएगी। हरीश रावत के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए हरीश रावत को देवभूमि उत्तराखंड में मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत प्रारंभ से ही बहुसंख्यक हिंदुओं को विभाजित करने की योजना के कुत्सित प्रयास करने का आरोप लगाया है। साथ ही भाजपा का कहना है कि हरीश रावत पहले भी सफल नहीं हुआ और नहीं इस बार चुनाव में सफल होंगे।

हरीश रावत की नजर ब्राह्रमण वोट बैंक पर
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में पुरोहितों के लिए पेंशन शुरू की, लेकिन भाजपा ने इसे बंद कर दिया। कांग्रेस सरकार बनी तो समाज व जनकल्याण की पेंशन को बढ़ाएंगे। कांग्रेस इस बार सत्ता में वापसी के लिए चुनाव में पहले हिंदुत्व कार्ड भी खेल चुकी है और अब मतदान से ठीक पहले ब्राह्रमणों को लुभाने के लिए भी कांग्रेस ने बड़ा दांव चला है। उत्तराखंड में जनसंख्या का 10 प्रतिशत ब्राह्रमण है। ऐसे में कांग्रेस की नजर पुरोहितों और ब्राह्रमण वोटबैंक पर है। पहले कांग्रेस ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर ब्राह्रमणों को साधने की कोशिश की लेकिन चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने ये मु्द्दा कांग्रेस से छीन लिया।
भाजपा ने लगाया मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप
कांग्रेस के चुनाव में ब्राह्रमण कार्ड खेलने पर भाजपा भी हमलावर है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी रवीन्द्र जुगरान ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिसमें वो ना पूर्व में सफल हुए न अब होंगे। हरीश रावत के ब्राह्मणहरीश रावत देवभूमि उत्तराखंड में मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत प्रारंभ से ही बहुसंख्यक हिंदुओं को विभाजित करने की योजना के कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। आयोग/ स्वर्ण आयोग बनाने की बात पर जुगरान ने कहा की अपने मुख्यमंत्रित्व काल में वह हरिद्वार से सांसद रहते हुए व केंद्र में मंत्री रहते हुए उन्होंने हरिद्वार जनपद में मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया व इसी कड़ी में इस बार रामनगर विधानसभा से चुनाव लड़ने का प्रयास किया पर उनका टिकट बदल दिया गया। जुगरान ने कहा कि रामनगर विधानसभा में मुस्लिम समुदाय की बड़ी आबादी के दृष्टिगत ही चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाया था। हरीश रावत की मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति से उनको ही नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि हरिद्वार में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते हिंदू मतदाता में ध्रुवीकरण हुआ नतीजन हरीश रावत हरिद्वार से भी विधानसभा का चुनाव हार गये। जुगरान ने कहा की उत्तराखंड में साक्षरता लगभग 92% है यहां की राष्ट्रवादी व पढ़ी लिखी जनता इनके मुस्लिम तुष्टिकरण की योजना को अच्छी तरह से समझती है और अब कांग्रेस बेनकाब हो चुकी है।












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