PM की रैली में शामिल होने पर स्टूडेंट्स को दिए गए एक्स्ट्रा मार्क्स, क्या है इस वायरल दावे की सच्चाई?
Fake Notice: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के वक्त सोशल मीडिया पर एक ऐसा नोटिस वायरल हो गया जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। इस कथित नोटिस में दावा किया गया कि देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के छात्रों को पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने पर 50 इंटरनल मार्क्स दिए जाएंगे।
देखते ही देखते यह नोटिस हर प्लेटफॉर्म पर शेयर होने लगा और विपक्षी दलों ने भी इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पीएम का दौरा हो चुका है और इस नोटिस को लेकर जांच में जो सच सामने आया, वह पूरी तरह अलग था। यह नोटिस पूरी तरह फर्जी (Fake) निकला। सरकार की फैक्ट-चेक एजेंसी PIB और यूनिवर्सिटी दोनों ने ही इसे झूठा और भ्रामक दावा बताया है।

क्या था वायरल नोटिस का दावा?
वायरल नोटिस में लिखा गया था कि बीटेक (CSE द्वितीय वर्ष) और बीसीए (द्वितीय वर्ष) के सभी छात्रों को 9 नवंबर को देहरादून के एफआरआई (FRI) में आयोजित प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि यह उपस्थिति भारतीय ज्ञान परंपरा कोर्स के अंतर्गत मानी जाएगी और इसमें भाग लेने वाले हर छात्र को 50 इंटरनल मार्क्स दिए जाएंगे।
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बिना हस्ताक्षर और संदर्भ वाला नोटिस
इस कथित नोटिस पर न किसी अधिकारी का हस्ताक्षर था और न ही कोई आधिकारिक रेफरेंस नंबर। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यह तेजी से फैल गया। कई लोगों ने इसे सच मान लिया और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा, "भाजपा के पास अब न कार्यकर्ता हैं, न समर्थक, इसलिए छात्रों को जबरन बुलाया जा रहा है।" वहीं, वकील और कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने व्यंग्य करते हुए लिखा, "मोदी की रैली में शामिल होने पर 50 मार्क्स, और 'मोदी मोदी' चिल्लाने पर कितने?"
PIB फैक्ट चेक ने किया खुलासा
जब यह नोटिस बड़ी संख्या में वायरल हुआ, तब सरकार की फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इसका सत्यापन किया। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, "देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी बताए जा रहे पत्र में यह दावा किया गया है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है और इसके लिए इंटरनल मार्क्स दिए जाएंगे। यह पत्र फर्जी है। विश्वविद्यालय ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।"
यूनिवर्सिटी ने भी बताया झूठा
देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी ने भी इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी की। यूनिवर्सिटी ने कहा, "हमारे नाम से एक फर्जी नोटिस प्रसारित किया गया है, जिसमें 9 नवंबर को एफआरआई कार्यक्रम के लिए मार्क्स देने की बात कही गई है। यह पूरी तरह झूठा है। इस पर न कोई हस्ताक्षर हैं, न रेफरेंस नंबर। कृपया केवल हमारे आधिकारिक चैनलों की जानकारी पर भरोसा करें।"
दर्ज हुई पुलिस शिकायत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। रजिस्ट्रार सुभाषित गोस्वामी ने बताया कि वायरल हुआ पत्र जाली है और यूनिवर्सिटी ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया। देहरादून पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब फर्जी सूचना फैलाने वालों की पहचान कर रही है।
जनता से अपील - अफवाहों से रहें सावधान
पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी सूचना को सोशल मीडिया पर शेयर न करें। राज्य की रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं और सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके।
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