Kashipur Travel Guide: वीकेंड को ना करें वेस्ट, घूम आएं उत्तराखंड का औद्योगिक शहर, नहीं मिलेगा फिर ये मौका
Kashipur Travel Guide: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में बसा काशीपुर केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता का सुंदर मेल है। कहा जाता है कि काशीपुर का नाम देवी पार्वती के एक रूप "कौशिकी" से पड़ा है। इस क्षेत्र का इतिहास गुप्त और कुषाण साम्राज्य तक फैला हुआ है, जिसके अवशेष आज भी यहां की पुरातात्विक खुदाई में मिले हैं। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी 7वीं शताब्दी में इस क्षेत्र का जिक्र किया था।
आज का काशीपुर उत्तराखंड का एक प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र है, जो अपने शांत वातावरण और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। कुमाऊं पहाड़ियों की तलहटी में बसा काशीपुर "उत्तराखंड का औद्योगिक शहर" कहलाता है। इसका अतीत इससे कहीं ज्यादा समृद्ध रहा है। यह शहर आम और लीची जैसे कृषि उत्पादों के लिए एक प्रमुख व्यापार केंद्र भी है।

दिल्ली-एनसीआर से करीब 4 घंटे की ड्राइव आपको काशीपुर पहुंचा सकती है। अगर आप वीकेंड पर आसपास घुमने का प्लान बना रहे हैं तो उत्तराखंड का काशीपुर एक बेहतरी ऑप्शन हो सकता है। 2 दिनों की पूरी ट्रेवल आइटिनररि हम आपके लिए लाए हैं।
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दिन 1: इतिहास और भक्ति से भरी यात्रा
सुबह: गिरिताल और द्रोण सागर का आनंद
अपनी यात्रा की शुरुआत शांत और सुंदर गिरिताल झील से करें। यहां नौका विहार का आनंद लिया जा सकता है और झील के किनारे बने प्राचीन मंदिर में दर्शन किए जा सकते हैं।
इसके बाद जाएं द्रोण सागर, जो माना जाता है कि पांडवों ने गुरु द्रोणाचार्य के सम्मान में बनवाया था। यह जगह इतिहास और शांति दोनों का अनुभव देती है।
दोपहर: स्थानीय भोजन का स्वाद
शहर के किसी प्रसिद्ध रेस्तरां में स्वादिष्ट कुमाऊंनी थाली या उत्तर भारतीय व्यंजन का आनंद लें।
शाम: मंदिरों की यात्रा
- बाल सुंदरी देवी मंदिर (चैती देवी मंदिर): काशीपुर का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, जहां चैत्र नवरात्रि में विशाल मेला लगता है।
- मोटेश्वर महादेव मंदिर: भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर माना जाता है कि महाभारत काल से जुड़ा है।
दिनभर की यात्रा के बाद शाम को अपने होटल लौटें और स्थानीय व्यंजनों के साथ डिनर करें।
दिन 2: प्रकृति और रोमांच का अनुभव
सुबह: जिम कॉर्बेट फॉल्स की ओर
दूसरे दिन की शुरुआत करें कॉर्बेट फॉल्स से, जो काशीपुर से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर स्थित है। यह झरना घने जंगलों के बीच बहता है और यहां की ताजी हवा आपको तरोताजा कर देगी।
दोपहर: लंच और विश्राम
कॉर्बेट फॉल्स या रामनगर के आसपास के किसी कैफे या रेस्तरां में दोपहर का भोजन करें।
शाम: जिम कॉर्बेट म्यूजियम और शॉपिंग
रामनगर में स्थित जिम कॉर्बेट म्यूजियम देखने जाएं, जहां प्रसिद्ध शिकारी और पर्यावरणविद जिम कॉर्बेट के जीवन से जुड़ी जानकारी मिलती है। इसके बाद काशीपुर लौटकर स्थानीय बाजारों में खरीदारी का आनंद लें - खासकर यहां के मौसमी आम और लीची की।
कब जाएं और क्या ध्यान रखें
सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च तक का मौसम यात्रा के लिए सबसे अच्छा रहता है।
आवागमन: काशीपुर रेल और सड़क दोनों से अच्छी तरह जुड़ा है। स्थानीय यात्रा के लिए टैक्सी या ऑटो का उपयोग करें।
ठहरने की व्यवस्था: यहां बजट और लक्जरी दोनों तरह के होटल उपलब्ध हैं।
जरूरी सामान: हल्के गर्म कपड़े, आरामदायक जूते, कैमरा और सनस्क्रीन साथ रखें।
काशीपुर केवल मंदिरों और इतिहास का शहर नहीं, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण है। अगर आप उत्तराखंड के कम भीड़भाड़ वाले लेकिन आकर्षक स्थलों की तलाश में हैं, तो काशीपुर आपकी अगली यात्रा का आदर्श गंतव्य साबित हो सकता है।
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