ऊर्जा प्रदेश में बिजली बचाने को ऊर्जा निगम की अनोखी पहल, कार्यालय में एसी और लाइट यूज करने को शर्त
बिजली विभाग के कार्यालयों में बिजली यूज करने को शर्तें जारी
देहरादून, 30 अप्रैल। पूरा देश इस समय बिजली संकट से जूझ रहा है। ऊर्जा प्रदेश में भी बिजली की भारी किल्लत है। ऐसे में बिजली की किल्लत को देखते हुए ऊर्जा निगम के एमडी के नए आदेश को लेकर चर्चे हो रहे हैं। एमडी ने बिजली विभाग के कार्यालयों में सुबह 11 बजे से पहले एसी (एयर कंडीशनर) नहीं चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिना जरूरत कंप्यूटर, प्रिंटर खोलने पर भी मनाही है। बिजली विभागों में परिसर,शौचालय और अन्य स्थानों पर दिन के समय में प्राकृतिक रोशनी के समय लाइट व पंखों का इस्तेमाल न करने को कहा गया है।

11 बजे के बाद चले एसी
उत्तराखंड में भी बिजली संकट पैदा हो गया है। गर्मी के साथ ही बिजली की डिमांड बढ़ती जा रही है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड(यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक ने अपने सभी कार्यालय में सख्ती शुरू कर दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसी भी कार्यालय में सुबह 11 बजे के बाद ही एसी चले। एसी की सेटिंग 24 डिग्री पर ही रखना सुनिश्चित करें। जब भी कोई अधिकारी, कर्मचारी किसी विभागीय काम से या भोजन के लिए कार्यालय में अनुपस्थित हो तो लाइट, पंखा, एसी, कूलर आदि को बंद करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि परिसर, कॉरिडोर, शौचालय और अन्य स्थानों पर दिन के समय में जब प्राकृतिक रोशनी होती है, तब लाइट व पंखों का इस्तेमाल न किया जाए। जहां तक संभव हो सके, एक कक्ष में एक से अधिक अधिकारी अपने कार्यों को बैठकर पूरा करें। कार्यालय में लगे हुए कंप्यूटर, प्रिंटर को बिना आवश्यक कार्य दिनभर खुला न रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को बिजली बचत के प्रति जागरूक रखें।
बिजली बचाने की अपील
यूपीसीएल ने बिजली संकट के इस वक्त में सभी उपभोक्ताओं से भी अधिक से अधिक बिजली बचाने की अपील की है। यूपीसीएल एमडी की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि घर के गीजर, कंप्यूटर, टीवी आदि को जरूरी होने पर ही चलाएं। पंखा, ट्यूबलाइट, फ्रिज, एसी का बहुत जरूरी होने पर ही उपयोग करें। अपने बच्चों को भी बिजली बचत के प्रति जागरूक करें। बता दें कि गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रदेश में बिजली की डिमांड बढ़ती जा रही है। शनिवार के लिए ऊर्जा निगम ने बिजली की रिकॉर्ड 48.32 मिलियन यूनिट डिमांड बताई गई है। इसके सापेक्ष बिजली खरीदने के बावजूद साढ़े तीन मिलियन यूनिट बिजली की कमी है।












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