उत्तराखंड में नए साल में महंगी होगी बिजली, जानिए कब से और कितनी प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी
Uttarakhand Electricity news: उत्तराखंड में नए साल में बिजली के दाम फिर से बढ़ना तय है। यूपीसीएल ने बोर्ड से 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास करने के बाद पिटीशन उत्तराखंड नियामक आयोग को भेज दी है। आयोग पहले इसका अध्ययन करेगा इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।
पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बिजली दरों में 1.06 प्रतिशत की कमी का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन पिछली बार आयोग द्वारा अस्वीकृत हुए खर्चों को इस बार फिर से प्रस्ताव में शामिल किया गया है। इससे कुल 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है।

यूपीसीएल ने 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। यूजेवीएनएल ने अपना टैरिफ 2.33 से बढ़ाकर 2.83 रुपये करने और पिटकुल ने भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। तीनों निगमों का मिला दें तो कुल बढ़ोतरी 15 प्रतिशत से ऊपर जा रही है। अब नियामक आयोग को इस पर अंतिम निर्णय लेना है।
यूपीसीएल को 30 नवंबर तक अपनी पिटीशन फाइल करनी थी लेकिन यूपी के जमाने के 4300 करोड़ के हिसाब की वजह से प्रक्रिया अटक गई थी। निगम की मांग पर नियामक आयोग ने 16 दिसंबर तक और इसके बाद 26 दिसंबर तक का समय दिया था। इस आधार पर यूपीसीएल ने नियामक आयोग को अपनी पिटीशन भेज दी है। अब आयोग के विशेषज्ञ इसका अध्ययन कर रहे हैं।
इसके बाद नियामक आयोग जनसुनवाई करेगा। यहां आने वाले सुझावों के आधार पर आयोग नई विद्युत दरें तय करेगा, जो अगले साल एक अप्रैल से लागू होंगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग को भेजे गए इस प्रस्ताव में 12 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिया गया है। आयोग जनसुनवाई के बाद इसे स्वीकार कर सकता है, जिसके बाद मार्च के अंत तक नई बिजली दरें जारी कर दी जाएंगी। यह दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इसका ज्यादा असर बिजली उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।












Click it and Unblock the Notifications