Election 2024: उत्तराखंड में घर-घर जाकर मतदान कराने की प्रक्रिया 5 अप्रैल से, जानिए किनको मिल रही ये सुविधा
उत्तराखंड में वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को घर-घर जाकर मतदान कराने की प्रक्रिया 5 और 6 अप्रैल को कराया जाएगा। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर पर जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 8 से 10 अप्रैल तक प्रथम चरण का मतदान करने का निर्णय लिया गया था, कुछ जनपदों द्वारा अपनी सुविधा के अनुरूप परिवर्तन करने के लिए छूट दी गई थी।

कहा कि कुछ जनपदों ने वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को 05 एवं 06 अप्रैल 2024 से घर पर जाकर मतदान करवाने का निर्णय लिया है। वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को घर में जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए द्वितीय चरण 10 से 13 अप्रैल 2024 के बीच में किया जायेगा।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। राज्य में कुल 65 हजार 160 वृद्ध मतदाता हैं, जिनकी आयु 85 साल से अधिक है। वृद्धमतदाताओं को पोस्टल बैलेट के माध्यम से घर से ही वोट करने की सुविधा का निर्णय निर्वाचन आयोग ने लिया था।
राज्य में अभी तक 09 हजार 993 वृद्ध मतदाताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी वृद्ध मतदाताओं को घर पर ही पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। राज्य में 80 हजार 335 दिव्यांग मतदाता चिन्हित किये गये हैं। दिव्यांग मतदाताओं के 02 हजार 899 ऐसे आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो वैध हैं, जिन पर घर में जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
सभी एआरओ के माध्यम से इन मतदाताओं तक पहुंचने के लिए रूट प्लान तैयार किया गया है। सकी सूचना अखबार और टेलीविजन के माध्यम से दी जायेगी। प्रत्याशियों के साथ बैठक करते हुए उन तक रूट चार्ट, मतदान की तिथियां और वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की वैध सूची तैयार करते हुए प्रत्याशियों को उपलब्ध करा दिया गया है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि 2022 में विधानसभा निर्वाचन में राज्य में 13 हजार 732 वृद्ध मतदाताओं और 2162 दिव्यांग मतदाताओं ने घर पर मतदान की सुविधा का प्रयोग किया था। निर्वाचन आयोग के द्वारा सक्षम एप का प्रयोग दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिये किया जा रहा है। राज्य में 33 हजार 111 दिव्यांग मतदाताओं ने सक्षम एप को डाउनलोड किया है।
इस एप के माध्यम में दिव्यांग मतदाता अपनी आवश्यकताओं के बारे में सहायता मांग सकते हैं। सक्षम एप के माध्यम से अभी तक 1537 मतदाताओं ने व्हील चेयर, 2221 मतदाताओं ने डोली और 10 हजार 839 मतदाताओं ने स्वयंसेवकों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध किया है।
दिव्यांग मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में 70 विधानसभाओं में मॉडल पी.डब्ल्यू.डी पोलिंग बूथ बनाने का निर्णय लिया गया है। ये पोलिंग बूथ ऐसी जगह स्थापित किये जायेंगे, जहां पर एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी उपलब्ध हो। इन बूथों में सभी कार्मिक दिव्यांग श्रेणी के हैं, उनके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर पर्याप्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। उनकी सहायता के लिए वाहन व्यवस्था और रहने के लिये उचित व्यवस्था के निर्देश दिये गये हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान के लिए यदि किसी व्यक्ति के पास एपिक कार्ड नहीं है तो ऐसे व्यक्तियों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के बारे में अधिसूचना के माध्यम से निर्देश जारी किये गये हैं।
इसमें आधार कार्ड, बैंकों/डाकघरों जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, एनपीआर कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड का प्रयोग कर सकते हैं।












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