बेटियों की शादी में धामी सरकार देगी 50 हजार रुपये की मदद,जानिए किसको,पीआरडी जवानों के लिए की कई घोषणाएं
प्रांतीय रक्षक दल के जवानों की बेटियों की शादी में धामी सरकार 50 हजार रुपये की मदद करेगी। इसके अलावा रिटायर होने वाले पीआरडी जवानों के व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए एक केंद्र भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। प्रांतीय रक्षक दल स्थापना दिवस की रैतिक परेड में खेल व युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने ये घोषणाएं की हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पहले प्रांतीय रक्षक दल का स्थापना दिवस नियमित रूप से नहीं मनाया जाता था, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने 2022 से यह तय किया कि हर साल स्थापना दिवस मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चाहे चुनाव हो या चार धाम यात्रा, या फिर कहीं कानून व्यवस्था की समस्या हो, हर जगह पीआरडी के जवानों ने बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाई और राज्य के लिए अपना योगदान किया है। आगामी साल राज्य का रजत जयंती स्थापना वर्ष है और इसमें भी पीआरडी जवानों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीआरडी जवानों के हित में वे फैसले किए जिनकी लंबे समय से मांग की जा रही थी।
एक्ट में संशोधन करके हमारी सरकार ने सेवा की आयु सीमा 18 से 60 वर्ष कर दी। मानदेय भी बढ़कर 650 रुपए प्रतिदिन किया गया है। मंत्री ने कहा कि मानदेय में 2027 से पहले फिर बढ़ोतरी होगी यह लगभग निश्चित है । मंत्री ने कहा कि महिला पीआरडी जवानों को प्रसूति अवकाश नहीं मिलता था और लंबे समय से चल रही यह मांग भी सरकार ने एक्ट में संशोधन करके पूरी कर दी है।
अब महिला जवानों को 180 दिन का प्रसूति अवकाश मिलेगा और इस दौरान कोई वेतन कटौती भी नहीं होगी । उन्होंने कहा कि सरकार पीआरडी जवानों के परिवारों के हर सुख दुख में उनके साथ खड़ी है और इसीलिए यह फैसला किया गया है कि पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पीआरडी जवानों की बेटियों की शादी में सरकार 50,000 रुपए की मदद देगी । इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न घटनाओं में मृतकों के के आश्रितों और घायल हुए पीआरडी जवानों को 1.5 लाख रुपये तक के चेक भी प्रदान किए, इस मद में कुल 15 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गयी।
स्थापना दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 2022 से अब तक सरकार पीआरडी जवानों के कुल 101 मृतकाश्रितों को नौकरी दे चुकी है । उन्होंने कहा कि पहले इस तरह की कोई सुरक्षा पीआरडी जवानों को नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा आगे भी सरकार ड्यूटी करते हुए घायल होने या जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से खड़ी रहेगी।












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