Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कीर्ति चक्र की ग्रान्ट निरस्त करने के नाम पर साइबर ठगों ने शहीदों के परिजनों से ठगे लाखों रुपए,ऐसे किया खेल

उत्तराखंड एसटीएफ ने दिल्ली एनसीआर में छापा मारकर साइबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड किया है। गिरोह ने कारगिल युद्ध में कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद के परिजनों से लाखों रूपये की धोखाधड़ी की।

गिरोह के 05 सदस्यों को पकड़ा है। जो कि शहीदों के परिजनों को कॉल कर स्वयं को रक्षा मंत्रालय का अधिकारी बताकर ठग रहे थे।

dehradun news name cancellation Kirti Chakra grant cyber fraud cheated families of martyrs of lakhs rupees this is how they played the game

एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि देहरादून के गुमानीवाला निवासी वरिष्ठ नागरिक द्वारा सूचना दर्ज कराई कि उनका बेटा आर्मी में कैप्टन था, कारगिल की लड़ाई में शहीद हो गया था और उनको मरणोपरान्त कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था।

शिकायतकर्ता को माह फरवरी 2024 में अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मोबाइल से कॉल कर खुद को सैनिक कल्याण बोर्ड का अधिकारी व मुख्य सतर्कता अधिकारी (रक्षा मंत्रालय) कार्यालय भारत सरकार से बताकर कहा कि आपके बेटे के कीर्ति चक्र की ग्रान्ट के साथ-साथ आपको अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जानी थी, लेकिन आपकी तरफ से फार्म-॥, दिनांक 31 दिसम्बर 2023 तक जमा नहीं किया गया था।

जिस कारण आपका कीर्तिचक्र का ग्रान्ट निरस्त हो गया है। जिसका निरस्त आर्डर नम्बर भी बताया है। कॉल करने वाले ने बताया कि फाइल उसके पास है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह भी बताया गया कि फाइल में अग्रिम कार्यवाही चीफ सर्तकता अधिकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा की जानी है, जिनके सचिव का मोबाइल नम्बर शिकायतकर्ता को देकर सम्पर्क करने को कहा गया।

शिकायतकर्ता द्वारा कथित ​सचिव से सम्पर्क किया तो उन्होने बताया कि आपका ग्रान्ट निरस्त कर दिया गया है अब फिर से एक्टिवेट करने के लिए अधिकारी के ही हाथ में हैं। फोन पर एक व्यक्ति ने बताया कि कीर्ति चक्र की ग्रान्ट करीब 12 लाख रुपये प्रतिवर्ष को फिर से शुरू कर रहा है तथा यह भी बताया कि इनको यह ग्रान्ट 2021 से 2037 तक मिलनी है।

कुछ दिन बाद फिर से शिकायतकर्ता को फोन पर बताया कि उसने ग्रान्ट स्वीकृत कर दी है जिसके लिये शिकायतकर्ता से 1 लाख 98 हजार रुपये की रकम उनके द्वारा बताये गये खाते में आरटीजीएस से जमा करा दिये गये। लेकिन जब शिकायतकर्ता के खाते में कोई रकम नहीं आई तो उन्हें शक हुआ तो उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड उत्तराखण्ड से संपर्क किया।

जिसके बाद फर्जीवाडे का पता चला। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने दिल्ली एनसीआर से कपिल अरोड़ा, राहुल कुमार दता, रवि सैनी, राजेश कुमार यादव,अनुराग शुक्ला को लक्ष्मी नगर क्षेत्र नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें पीड़ितों के नंबर शहीदों की सूची इंटरनेट के जरिए मिली।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+