शहीद मेजर प्रणय का हरिद्वार में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, डेढ़ साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
लेह में देश की सेवा के दौरान शहीद हुए मेजर प्रणय नेगी का शव देहरादून के भानियावाला आवास पर पहुंचा। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
मेजर प्रणय नेगी 36 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान हो गए। उनके बलिदान को देश के साथ ही पूरे उत्तराखंड में नमन किया गया।

शहीद मेजर को अंतिम विदाई देने के लिए उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, डोईवाला विधायक ब्रज भूषण गैरोला के साथ ही सेना के जवान और सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके बाद शहीद अपने अंतिम सफर पर निकल गए। हरिद्वार में सैनिक सम्मान के साथ शहीद मेजर प्रणय नेगी का अंतिम संस्कार किया गया।
शहीद मेजर का शव जैसे ही डोईवाला के भानियावाला में उनके घर लाया गया तो कोहराम मच गया। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। डोईवाला के भानियावाला के रहने वाले मेजर प्रणय नेगी का बीती 29 अप्रैल की रात को लेह में अचानक तबीयत खराब होने के कारण निधन हो गया था।
इसकी सूचना परिजनों को 30 अप्रैल की सुबह को मिली। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। परिजनों का शहीद के घर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रणय मूल रूप से कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल के रहने वाले है, लेकिन उनका परिवार अब डोईवाला के संगतिया वाला में मकान बनाकर रहता है।
जानकारी के अनुसार, प्रणय नेगी 2013 में आईएमए से पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बने थे। 94 मीडियम रेजिमेंट 18 आर्टिलरी बटालियन में तैनात मेजर प्रणव नेगी लेह में ड्यूटी पर तैनात थे। वह मूल रूप से कीर्तिनगर, टिहरी जिले के रहने वाले थे।
प्रणय नेगी की पढ़ाई मसूरी के सेंट जोसेफ स्कूल से हुई थी, वह दो बहनों के अकेले भाई थे। तीन साल पहले ही मेजर की गढ़ी कैंट देहरादून से शादी हुई थी। उनका डेढ़ साल का एक बेटा है। बताया जा रहा है कि लेह में हाई एटीट्यूड में तैनाती के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर मेजर शहीद हुए हैं।












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