Dehradun disaster: हेली छोड़ दुर्गम रास्तों से होकर 12 KM पैदल पहुंचकर डीएम ने आपदाग्रस्त गांव का लिया जायजा
Dehradun disaster देहरादून में आई आपदा से कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से हवाई मार्ग से ही जरुरी सामान भेजा जा रहा है। ऐसे में प्रशासन लगातार ग्रामीणों को राहत देने का काम करने में जुटी है। प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव कार्य के साथ ही अब मूलभूत सुविधाओं को पटरी पर लाने की चुनौती है।
इस बीच देहरादून के सबसे दुर्गम आपदाग्रस्त क्षेत्र फुलेत में सरकार के प्रथम रिस्पांडर के रूप में डीएम सविन बंसल पैदल ही गांव पहुंचे हैं। अभी तक गांव में प्रशासन द्वारा हेली सेवा के माध्यम से राशन पहुंचाई जा रही थी। जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी छमरौली तक दुर्गम रास्तों और छमरोली से लगभग 12 किमी पैदल रूट से डीएम प्रशासनिक अमले के संग फुलेत पहुंचे।

डीएम ने हेली सेवा का विकल्प छोड़ दुर्गम एवं पैदल रूट का मार्ग चुना। पैदल रूट नाप कर डीएम ने आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। ग्राउंड जीरो पर प्रशासनिक अमले के साथ डीएम सविन बंसल डटे हुए हैं। डीएम के निरीक्षण में पता चला कि पुलिया, पुल, सड़क पगडंडी सब आपदा में धुल गई।
इस बीच डीएम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। ढाई घंटे का पैदल सफर कर फुलेत गांव पंहुचकर डीएम ने जनता की समस्याएं सुनीं। डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों को भवनो को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आपदा में मृतक एवं लापता लेबर का समुचित विवरण प्रस्तुत करने के एक्शन पीएमजीएसवाई को निर्देश दिए। फुलेत में दैवीय आपदा में मलबे से ब्लॉक खाले एंव पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति और आज से ही कार्य चालू करने के निर्देश दिए। विद्यालयों से संबंधित समस्याओं के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को क्षेत्र का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।












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