उत्तराखंड चुनाव में इस मोर्चे पर कांग्रेस ने मारी बाजी, भाजपा से निकली एक कदम आगे
टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में कांग्रेस भाजपा से एक कदम आगे चल रही
देहरादून, 5 जनवरी। उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में दावेदारों को उतारने के लिए भाजपा, कांग्रेस दोनों ही दलों ने कसरत तेज कर दी है। लेकिन टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में कांग्रेस भाजपा से एक कदम आगे चल रही है। ऐसे में कांग्रेस की पहली सूची जल्द ही जारी हो सकती है। उधर सत्ताधारी भाजपा में 70 सीटों के लिए बनाए गए पर्यवेक्षकों की पैनल तैयार करने की डेडलाइन आज पूरी हो रही है। जिसके बाद प्रदेश स्तर पर पैनल फाइनल कर केन्द्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अभी एक हफ्ते से ज्यादा का समय लगना तय है। ऐसे में भाजपा की पहली सूची 14 जनवरी के आसपास आने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस की पहली सूची भाजपा से पहले आना तय है।

10 जनवरी के बाद कांग्रेस की पहली सूची
उत्तराखंड में सत्ता वापसी को इस बार कांग्रेस की रणनीति भाजपा से आगे चल रही है। प्रदेश में टिकट बंटवारे के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने पहले जिलेवार विधानसभा सीटों के दावेदारों से संवाद और साक्षात्कार ले लिया है। इसके बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक स्क्रीनिंग कमेटी कई बार बैठकें आयोजित कर चुकी है। दिल्ली में उत्तराखंड के नामों पर मुहर लगाने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी दो बार बैठक भी कर चुकी है। जिसमें कुछ सीटों को छोड़कर 40 से ज्यादा सीटों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि अभी केन्द्रीय नेतृत्व के मुहर लगने के बाद ही टिकट दिए जाएंगे। इसके लिए अब प्रियंका गांधी की उतराखंड में 9 जनवरी को होने वाली सभा का इंतजार हो रहा है। इस रैली के तुरंत बाद कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी कर देगी।
भाजपा के दावेदारों को करना पड़ सकता है 14 जनवरी का इंतजार
उधर सत्ताधारी भाजपा की टिकट बंटवारे की प्रक्रिया अभी शुरूआती चरण में हैं। प्रत्याशियों के चयन को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में दावेदारों का पैनल तैयार करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। पर्यवेक्षकों को विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर पांच जनवरी तक सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद विस क्षेत्रवार दावेदारों का पैनल पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। लेकिन भाजपा के लिए इस समय टिकट बंटवारा सबसे टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। एक तरफ 57 पुराने विधायकों की परफोर्मेंस जो कि पिछली बार जीतकर आए थे और दूसरी तरफ नए दावेदार जो कि दर्जनों की संख्या में है। इसके साथ ही सत्ता विरोधी लहर का आंकलन भी। इस तरह भाजपा के टिकट बंटवारे में समय लगना तय है। जो कि 14 जनवरी तक खींचने की उम्मीद लगाई जा रही है। भाजपा ने पर्यवेक्षकों से विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले प्रांतीय पदाधिकारी, मोर्चों के प्रांतीय पदाधिकारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, जिले के पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष, महामंत्री, मंडलों के पदाधिकारी, पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व प्रांतीय पदाधिकारी, पूर्व विधायक, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्ष, शक्ति केंद्रों के संयोजक आदि सबकी राय को भी रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद 3 नाम संसदीय बोर्ड को भेजे जाएंगे। जिन पर दिल्ली में मंथन होगा।












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