कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी,कद बढ़ा या टिकट कटा,जानिए सियासी मायने
उत्तराखंड कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को हाईकमान ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हरक सिंह रावत को कांग्रेस ने ओडिशा लोकसभा और विधानसभा चुनाव लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। पहले ईडी की छापेमारी और फिर लोकसभा चुनाव में दावेदारी के बीच हरक सिंह को हाईकमान की ओर से दी गई जिम्मेदारी के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं।

कुछ इसे हरक का कद बढ़ता देख रहे हैं तो कुछ हरक की उत्तराखंड चुनाव में दावेदारी खत्म मान रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में उत्तराखंड की सियासत पर इसका असर पड़ना तय है। कांग्रेस हाईकमान ने हरक सिंह रावत को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने हरक सिंह रावत को ओडिशा में आगामी विधानसभा चुनाव और आम चुनावों के ऑब्जर्वर के लिए तैनात किया है।
हरक सिंह रावत को ओडिशा के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके साथ इस लिस्ट में मीनाक्षी नटराजन और प्रगट सिंह का नाम भी शामिल है।
बीते कुछ दिनों से हरक सिंह अपने वन मंत्री के कार्यकाल में हुए निर्माण कार्येां को लेकर चर्चा में है। हरक सिंह के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी भी हो चुकी है। इसके बाद ईडी ने हरक सिंह को पूछताछ के लिए भी समन भेजा। हालांकि हरक सिंह अभी पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे।
हरक सिंह के करीबी और उनकी पत्नी ईडी की पूछताछ का सामना कर चुके हैं। ऐसे में सबकी निगाहें हरक सिंह के अगले कदम पर टिकी हैं। इस बीच हरक सिंह का नाम हरिद्वार सीट पर दावेदारी में भी जमकर चर्चा में रहा है। साथ ही उनकी दावेदारी गढ़वाल सीट पर भी देखी जा रही थी।
हालांकि हाईकमान की इस नई जिम्मेदारी के बाद अब हरक सिंह की दावेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। माना जा रहा है कि इस नई जिम्मेदारी के बाद हरक को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाया जाएगा।












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