चारधाम यात्रा: यात्री का पंजीकरण कराना अनिवार्य, हाईटेक हैंडबैंड से होगी मॉनिटरिंग, जानिए क्या है इस बार खास

चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों को पंजीकरण कराना आवश्यक

देहरादून, 5 अप्रैल। ​कोविडकाल के बाद पहली बार बिना प्रतिबंध के शुरू हो रही चारधाम यात्रा को हाईटेक बनाने के​ लिए प्रशासन और सरकार पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को अपना पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। साथ ही यात्रियों को सुरक्षा के मद्देनजर एक हाईटेक हैंडबैंड दिया जाएगा। जो यात्री ऑनलाइन पंजीक​रण कराएंगे उनको एक क्यूआर कोड भेजा जाएगा।

 Chardham Yatra - Registration of every traveler will be mandatory, Monitoring will be done with hi-tech handband,

ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों मोड होंगे पंजीकरण
उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का 3 मई से आगाज हो रहा है। कोविड के बाद पहली बार यात्रा बिना किसी प्रतिबंध के शुरू हो रही है। ऐसे में इस बार यात्रियों की संख्या कई गुना तक बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। एक माह पहले ही यात्रियों की जबरदस्त बुकिंग आने लगी है। ऐसे में शासन और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इस बार यात्रियों को पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। जो कि ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों मोड में कराए जा सकते हैं। इसके लिए यात्रियों को
https//registrationandtouristcare.uk.gov.in पर अपना पंजीकरण कराना होगा। वेब पोर्टल, रजिस्ट्रेशन सेंटर, मोबाइल एप, यात्री मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवाया जा सकता है। हरिद्वार राही मोटल, लेकर संयुक्त बस अड्डा ऋषिकेश, गुरूद्वारा ऋषिकेश, बदरीनाथ मार्ग, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री मार्ग पर ऑफलाइन पंजीकरण व्यवस्था की गई है। केदारनाथ के लिए हेली पंजीकरण सेवा शुरू हो चुकी है। https://heliservices.uk.gov.in और श्री बदरीनाथ श्री केदारनाथ धाम के पूजाओं की आनलाइन बुकिंग htttps:// badrinath-kedarnath. uk.gov.in पर उपलब्ध है।

काउंटर पर हाईटेक हैंडबैंड दिया जाएगा

,इस बार यात्रा पर आने वाले यात्रियों को पंजीकरण के बाद पर्यटन विकास परिषद की ओर से काउंटर पर उन्हें हाईटेक हैंडबैंड दिया जाएगा, जो यात्री मोबाइल एप से अपना पंजीकरण कराएंगे उनके मोबाइल पर क्यूआर कोड आएगा। हैंडबैंड को स्कैन करते ही यात्रा प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों को यात्री की पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। चिड़ियापुर बॉर्डर, नारसन बॉर्डर, आशारोड़ी बॉर्डर और कुल्हाल बॉर्डर सहित कुल 22 स्थानों पर यात्रियों के पंजीकरण के लिए कियोस्क मशीनें लगाई जाएंगी।
3 मई से खुल रहे कपाट
गंगोत्री धाम एवं यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 3 मई को केदारनाथ धाम के 6 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 8 मई को खुल रहे है। जिसको लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है। सरकार की ओर से पहले ही चारधाम यात्रा मार्गों को लेकर समीक्षा बैठक की गई है। आपदा और मौसम को देखते हुए इस बार सरकार की ओर से खास तैयारियां की जा रही है। सरकार की ओर से इस बार ​जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। जिसमें जेसीबी मशीनों की ट्रेकिंग के लिए उन्हें जीपीएस से जोड़ा जाए। यात्रा मार्ग से संबंधित सड़कों पर कहीं भी मलबा या कचरा न रहे। कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार द्वारा तय किया गया है कि चारधाम यात्रा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। ट्रेफिक प्रबंधन व संचालन के लिए ड्रोन का भी प्रयोग किया जाएगा। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाएगा। जिससे किसी भी तरह की आपदा या अन्य समस्या से निपटा जा सके।

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