Char dham yatra: हफ्ते भर में ही 20 श्रद्धालुओं की मौत, जानिए क्या है राज्य सरकार की तैयारी का सच
3 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा, 20 श्रद्धालुओं की मौत
देहरादून, 10 मई। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की संख्या दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 3 मई से गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही 6 मई को केदारनाथ व 8 मई को बद्रीनाथ के कपाट खुल चुके हैं। 9 मई तक चारों धामों में 2 लाख 11 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जिनमें सबसे ज्यादा केदारनाथ में 77 हजार से ज्यादा श्रद्धालु 4 दिन में दर्शन कर चुके हैं। इस बीच अब तक चारों धामों में 20 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा है। जो कि आंकड़ा डराने वाला है। ऐसे में राज्य सरकार का स्वास्थ्य को लेकर किए जा रहे दावे की पोल खुलती नजर आ रही है। इस बीच उत्तराखंड पुलिस ने भी चारधामों में जुट रही भीड़ को नियंत्रण करने के संकेत दिए हैं।

भीड़ जुटने से अव्यवस्थाओं का बोलबाला, नहीं मिल पा रही सुविधाएं
कोविड प्रतिबंध खत्म होने के दो साल बाद खुली चारधाम यात्रा में इस बार यात्रियों के पहुंचने के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। लेकिन यात्रा पर निकले 20 यात्रियों की मौत से भी प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीजी हेल्थ डॉक्टर शैलजा भट्ट ने बताया कि सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर ही अब तक 20 की पुष्टि की जा रही है। हालांकि पहले ही हफ्ते में 20 यात्रियों की मौत कई सवाल भी उठा रहे हैं। इनमें से यमुनोत्री, गंगोत्री में 14, केदारनाथ में 5 व बद्रीनाथ में एक श्रद्धालु की मौत हो चुकी है। चारधाम यात्रा में आने वाले अधिकतर यात्री बुजुर्ग होते हैं। जिनमें कई बीमार में होते हैं। जिस वजह से पहाड़ों पर ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। इनमें ब्लड प्रेशर, शुगर, अस्थमा आदि गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर मौत का आंकड़ा बढ़ने के पीछे यात्रियों की भीड़ और बदइतंजामी भी मानी जा रही है। श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होने के कारण चेक पोस्ट पर उनका प्रोपर चेकअप नहीं हो पा रहा है। जिस कारण थोड़ी सी परेशानी होने पर भी धामों में इतनी संख्या में पहुंच रहे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देना आसान नहीं है।
यात्रा मार्गों पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश
मौत का आंकड़ा बढ़ता देख स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाएं दुरस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यात्रा मार्गों पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तैनात करने को कहा है। यात्रियों की भीड़ होने पर पुलिस भी अब नए प्लान पर काम करने की बात कर रही है। ज्यादा भीड़ होने पर पुलिस ने बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंच रहे यात्रियों को रोकने की बात की है। सोशल मीडिया में जिस तरह केदारनाथ धाम में भीड़ के वीडियो वायरल हो रहे हैं। उसे देखते हुए पुलिस भी घबराई हुई है। ऐसे में पुलिस विभाग अब यात्रियों को रजिस्ट्रेशन करने की लगातार अपील कर रही है। जिससे यात्रा मार्गों पर चलने वाले यात्रियों का अंदाजा लगाया जा सके और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। शुरूआत में दावा किया गया कि यात्रियों की संख्या का निर्धारण किया जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद ये साफ हो गया कि चारधामों में यात्रियों की संख्या का निर्धारण नहीं किया गया है। जिस वजह से अब चारधामों में एक दिन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।












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