Char dham yatra 2025 को लेकर क्या हैं तैयारियां, केदारनाथ पैदल मार्ग 6-10 फीट बर्फ काटकर आवाजाही के लिए शुरू
Char dham yatra 2025: चार धाम यात्रा 2025 को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। इस बीच शासन ने धामों में व्यवस्थाओं के लिए आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सबसे ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ यात्रा के लिए हो रहे हैं। ऐसे में केदारनाथ यात्रा पर ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना लगाई जा रही है।
जिसके लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। केदारनाथ धाम की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी युगल किशोर पंत को सौंपी गई है। केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 2 मई से आरंभ होने जा रही है। यात्रा को सफल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

यात्रा को लेकर व्यवस्थाओं की समीक्षा और प्रगति की जानकारी के लिए केदारनाथ यात्रा के प्रभारी सचिव युगल किशोर पंत ने केदारनाथ धाम और यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव युगल किशोर पंत केदारनाथ मंदिर परिसर भी पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के चारों ओर चल रहे पुनर्निर्माण तथा सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं ताकि यात्रा आरंभ होने से पहले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने मंदिर के आसपास तथा गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को मार्ग पर जमी बर्फ और मंदिर परिसर की बर्फ को शीघ्रातिशीघ्र हटाने के सख्त निर्देश दिए।
बता दें कि केदारनाथ पैदल मार्ग हिमखंड आने से बंद था। जो कि छह से दस फीट बर्फ काटकर आवाजाही के लिए रास्ता खोल गया। मार्ग को घोड़ा-खच्चरों के सुरक्षित किया जा रहा है, जिससे जल्दी ही धाम तक सामान ढुलान हो सके। बीते बुधवार को मजदूर लिनचोली से छानी कैंप और छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट तक बर्फ हटाते हुए केदारनाथ तक पहुंच गए थे।
लोक निर्माण विभाग के 70 मजदूरों की ओर से बर्फ प्रभावित क्षेत्र में रास्ते दुरुस्त किए जा रहे हैं। हिमखंड जोन और फिसलन वाली जगहों पर सुरक्षा के लिए मिट्टी व पत्थर का उपयोग किया जा रहा है।70 मजूदरों ने 20 दिन में 9 किमी क्षेत्र में बर्फ हटा दी है। दूसरे चरण में रुद्रा प्वाइंट से हेलिपैड और हेलिपैड से मंदिर तक बर्फ हटाई जाएगी। एमआई-26 हेलिपैड क्षेत्र से बर्फ हटाना पहली प्राथमिकता है। दस अप्रैल तक केदारनाथ में सभी प्रमुख जगहों से बर्फ हटा दी जाएगी।
चारधाम यात्रा के लिए 20 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया गया था। अब तक केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए 12.50 लाख से अधिक यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। चारधाम यात्रा पर आने के लिए अब तक 10 हजार से अधिक विदेशी यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। केदारनाथ के लिए 3674, बदरीनाथ के लिए 3045, यमुनोत्री के लिए 1918 और गंगोत्री के लिए 2105 विदेशियों ने पंजीकरण कराया है।
उधर उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से भी चारधाम यात्रा-2025 को लेकर व्यापक तैयारियाँ शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा में सुरक्षा और सुगमता के लिए IG गढ़वाल रेंज चारधाम यात्रा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। रेंज कार्यालय में 'चारधाम यात्रा कन्ट्रोल रूम' की स्थापना की गई है। पहली बार यात्रा मार्गों का 15 सुपर जोन, 41 जोन तथा 137 सेक्टरों विभाजन किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पुलिस बल की तैनाती और 24x7 निगरानी की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications