Char dham yatra 2023: जल्द लागू होगी एसओपी, इस बार नियमों में हो सकते हैं ये बदलाव
राज्य सरकार जल्द ही यात्रा को लेकर एसओपी जारी कर सकती है। जो कि मंदिर समिति की और से बनाई गई समिति की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा।कमेटी ने अपने सुझाव सौंप दिए हैं।

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार और मंदिर समिति की और से तैयारियां तेज हो गई है। इस बार यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्या नियम बनाए जाते हैं। इस पर सबकी नजर है। राज्य सरकार जल्द ही यात्रा को लेकर एसओपी जारी कर सकती है। जो कि मंदिर समिति की और से बनाई गई समिति की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा।
मंदिर परिसर में मोबाइल प्रतिबंधित करने पर विचार
बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, महाकाल और सोमनाथ मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाई थी। कमेटी ने अपने सुझाव सौंप दिए हैं। अब मंदिर समिति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा के बाद समिति मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर समिति इस बार मंदिर परिसर में मोबाइल प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। देश के मंदिरों में फोन पर प्रतिबंध है। पिछले यात्रा सीजन में केदारनाथ के गर्भ गृह में मोबाइल ले जाकर वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया था। जिसके बाद मंदिरों में मोबाइल प्रतिबंध करने की मांग उठी थी। इस तरह की शिकायतें कई बार आ चुकी है। इसके साथ ही मंदिरों में ड्रेस कोड या परिधान पर भी विचार करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही मंदिर में चढ़ावा और दान राशि पर भी नए तरीके से मानक तय किए जा सकते हैं। मंदिर समिति के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी अलग से ड्रेस कोड लागू करने पर भी विचार हो रहा है। मंदिर समिति इस बार वीआईपी दर्शन के लिए अलग से रेट तय करने पर भी विचार कर रही है। जिसको लेकर आने वाले दिनों में सरकार फैसला ले सकती है।
22 अप्रैल से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरु
22 अप्रैल से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरु होने जा रही है। 22 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे। 26 को बाबा केदारनाथ और 27 को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। ऐसे में यात्रा के लिए अब दो माह का भी कम समय बचा हुआ है। जिसके लिए राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर के लिए पंजीकरण शुरू हो गए हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने का मुर्हुत तय न होने के कारण पंजीकरण मार्च से शुरू होंगे। इस तरह सरकार ने यात्रा को लेकर कई तरह के नियम भी बनाने शुरु कर दिए हैं। सबसे ज्यादा नजर श्रद्धालुओं की कैयरिंग कैपेसिटी पर है। चारों धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की संख्या सीमित करने पर भी स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हुई है। हालांकि सीएम धामी ने कहा है कि पुरोहितों और लोगों से बातचीत के आधार पर ही इस पर किसी तरह का फैसला लिया जाएगा।
4 तरह से पंजीकरण की व्यवस्था
चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या व्हाट्सअप नंबर 8394833833 या टोल फ्री नंबर 1364 के जरिये भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए 4 तरह से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण, ऐप के माध्यम से पंजीकरण, ऑन कॉल पंजीकरण और व्हाट्सएप के माध्यम से पंजीकरण करवाया जा सकता है। धामों में कतार प्रबंधन के लिए स्लॉट टोकन व्यवस्था की शुरुआत की गई है।
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