चमोली त्रासदी में 135 लापता लोगों को उत्‍तराखंड सरकार मृत घोषित करेगी, शुरू की प्रक्रिया

चमोली। Uttrakhand Glacier Burst: उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा में पिछले दिन आई आपदा में लापता हुए 132 लोगों का शव अभी भी बरामद नहीं हो पाया है। अब इन लापता लोगों को केंद्र सरकार से परमीशन मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने मृतक घोषित करेगी।

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      Uttarakhand Glacier Burst: तपोवन में एक और शव बरामद, अब तक 68 शव हो चुके हैं बरामद
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      सरकारी तंत्र द्वारा गहन खोज अभियान के बावजूद ये लापता लोग नहीं मिल पाए जिसके बाद लापता लोगों को मृत घोषित कर मृत प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की थी। जिसके बाद उत्‍राखंड स्‍वास्‍थ विभाग ने केंद्र से मिले निर्देशों के अंतर्गत 7 फरवरी की चमोली आपदा में लापता लोगों को "मृत" घोषित करने का फैसला किया है। उप महारजिस्‍ट्रार जन्‍म एवं मृत्‍यु विभाग को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश दिया है। सभी जिलाधिकारियों एवं जन्‍म मृत्‍यु पंजीकरण अधिकारियों को इसके संबंध में कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।

      जानें क्या था चमोली हादसा

      गौरतलब है कि 7 फरवरी को ऋषिगंगा ग्लेशियर में हिमस्खलन से बनी झील के टूटने से चमोली की ऋषिगंगा व धौलीगंगा घाटी में अचानक विकराल बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ से रैणी और तपोवन में जो परियोजनाओं के तहत निर्माण हो रहा था वो क्षतिग्रस्‍त हो गई थी। इस त्रासदी में परियोजना में काम करने वाले कई लोग शिकार हुए। इतने दिनों की गहन खोज के बावजूद अभी परियोजना की सुरंग में अभी भी कई लोग दबे हुए हैं। राज्‍य सरकार राहत और बचाव अभियान जो शुरू किया उसमें अब तक 68 लापता लोगों के शव मिले वहीं अभी भी136 लोग लापता हैं। जिनको अब सरकार ने मृ‍त घोषित करने का निर्णया लिया है।

      मृत्यु प्रमाण पत्र उनके परिवार या रिश्तेदारों को जारी करेंगे
      राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी द्वारा रविवार शाम को जारी एक अधिसूचना के बाद, सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 लागू किया है, जिसके तहत नामित सरकारी अधिकारी लापता लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र उनके परिवार या रिश्तेदारों को जारी करेंगे। अधिसूचना में कहा गया है, "सामान्य परिस्थितियों में, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति को उसी स्थान पर जारी किए जाते हैं जहां वह जन्म लेता है या मर जाता है। लेकिन चमोली आपदा जैसी असाधारण परिस्थितियों में, यदि कोई लापता व्यक्ति संभवतः जीवित होने की सभी संभावनाओं से परे मर चुका है, लेकिन उसका शव अभी तक नहीं मिला है, तो उस स्थिति में अधिकारी उसके परिवार के सदस्यों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करके मृत घोषित कर सकते हैं।

      लापता लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया

      अधिसूचना में नेगी ने कहा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के उद्देश्य से, सरकार ने लापता लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। "पहली श्रेणी में साइट के पास के क्षेत्र के निवासी हैं जो साइट से गायब हो गए थे। दूसरे में राज्य के अन्य जिलों के लोग हैं, जो साइट पर मौजूद थे, जबकि तीसरी श्रेणी में अन्य राज्य के पर्यटक या लोग शामिल हैं, जो साइट पर मौजूद थे।

      व्यक्ति के बारे में एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा

      अधिकारी ने कहा, '' प्रक्रिया के तहत, परिवार के सदस्यों को संबंधित सरकारी अधिकारी को सभी आवश्यक विवरणों के साथ लापता व्यक्ति के बारे में एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा, जो उचित जांच के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करेगा। इससे लापता लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का निपटान करने में मदद मिलेगी। "7 फरवरी को, उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक ग्लेशियर के टूटने से देहरादून से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर में नैना देवी राष्ट्रीय उद्यान के पास दो जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं।

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