चमोली हादसा:गणेश के परिवार, गांव पर टूटा दुखों का पहाड़, परिवार में बचे सिर्फ मां और भाई, गांव से उठी 10 अर्थी
चमोली में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर काम करने वाले हरमनी गांव के गणेश के परिजनों को गणेश की मौत की खबर पता चली तो प्लांट की तरफ दौड़ पड़े लेकिन क्या पता थी मौत की खबर उनके लिए उनके लिए भी मौत का बुलावा लेकर आई है।
चमोली में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर काम करने वाले हरमनी गांव के गणेश का फोन नहीं लगा तो परिजनों को चिंता सताने लगी। थोड़ी देर में परिजनों को गणेश की मौत की खबर पता चली तो प्लांट की तरफ दौड़ पड़े लेकिन क्या पता थी कि गणेश की मौत की खबर उनके लिए भी मौत का बुलावा लेकर आई है।

गणेश लाल (22) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सुनकर पिता महेंद्र लाल (48) और बड़ा भाई दीपू कुमार (33) प्लांट पर पहुंचे लेकिन थोड़ी देर में वे दोनों भी करंट लगने से चल बसे। अब परिवार में मृतक गणेश की मां संतोषी और उनका एक जवान बेटा ही बचा है। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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गांव के बेटे गणेश की मौत की खबर सुनकर फरस्वाण फाट के हरमनी क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में चमोली पहुंचे। लोग मौत की जांच और परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। लेकिन मुआवजे की मांग और मौत की जांच कई परिवारों के लिए काल बनकर आई। गणेश के गांव हरमनी के 10 लोग इस घटना में अपनी जान गंवा बैठे। इस घटना से क्षेत्र के तीन गांवों में चूल्हे नहीं जले।
एक साथ हरमनी गांव से 10 अर्थी उठी। जिससे हर किसी की आंखे नम है। सबसे दुखद गांव के अधिकतर युवा लड़कों के जाने का गम हर किसी की आंखों में साफ देखा जा सकता है। हरमनी गांव के 22 से लेकर 30 साल से कम उम्र के ही युवा इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। मरने वाले ग्रामीणों में ज्यादातर हरमनी और रंगतोली के हैं। जिससे पूरे फरस्वाण फाटा क्षेत्र में शोक की लहर है। घटना के लिए दुख प्रकट कर रहे स्थानीय लोगों ने आज चमोली समेत आसपास के कई बाजार बंद रखे।












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