बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा के लिए उपचुनाव कल , 9 हाई एल्टीट्यूड पोलिंग स्टेशन पर पहली बार हो रही वोटिंग
10 जुलाई यानि बुधवार को बद्रीनाथ एवं मंगलौर विधानसभा में उपचुनाव के लिए मतदान होना है। दोनों विधानसभाओं के उपचुनाव ड्यूटी में 4200 कार्मिकों की तैनाती की गई।
बदरीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी के इस्तीफे के बाद दोबारा चुनाव हो रहा है। इस बार राजेंद्र भंडारी भाजपा से जबकि लखपत बुटोला कांग्रेस से चुनाव मैदान में है।

मंगलौर से बसपा विधायक सरबत करीम अंसारी के निधन के बाद चुनाव हो रहा है। यहां बसपा ने अंसारी के बेटे उबेदुर्रहमान अंसारी जबकि कांग्रेस ने काजी निजामुद्दीन और भाजपा ने करतार सिंह भड़ाना को चुनाव मैदान में उतारा है।
बद्रीनाथ विधानसभा में 9 हाई एल्टीट्यूड पोलिंग स्टेशन पर पहली बार ग्रामीण मतदान करेंगे। उपचुनाव को लेकर उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र एवं सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने संयुक्त रूप से मीडिया ब्रीफ़िंग करते हुए जानकारी दी कि बुधवार को विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ एवं मंगलौर में सकुशल मतदान संपन्न कराने के लिए सभी पोलिंग पार्टियों को रवाना कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दोनों विधानसभा के उपचुनाव को संपन्न कराने हेतु लगभग 4200 कार्मिकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि बद्रीनाथ क्षेत्र में जिन स्थानों पर लैंडस्लाइड के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध है उन स्थानों पर पर्याप्त मानवबल लगाकर पोलिंग पार्टियों को पैदल मार्ग से पोलिंग स्टेशनों तक पहुँचा दिया गया है।
इसके अलावा मतदान कार्मिकों के लिये रिज़र्व वाहनों की भी व्यवस्था की गई है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बद्रीनाथ एवं मंगलौर विधानसभा उपचुनाव के दौरान सी-विजिल के माध्यम से 624 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 623 शिकायतों का समाधान किया गया है जबकि एक शिकायत आरओ द्वारा निरस्त कर दी गई। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उपचुनाव में 15 लाख 95 हज़ार कैश समेत कुल 32 लाख रुपए क़ीमत की शराब एवं मादक पदार्थ सीज किए गए।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने जानकारी देते हुए बताया कि बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के सीमांत क्षेत्रों में पहली बार 9 हाई एल्टीट्यूड पोलिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं जिनमें 17 गावों के 3838 मतदाता मतदान करेंगे। उत्तराखण्ड बनने के बाद से सामान्य रूप से विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान शीतकाल में इन क्षेत्रों में स्थानीय मतदाताओं द्वारा प्रवास ना किए जाने की स्थिति में उनके ग्रीष्मक़ालीन प्रवास वाले गाँवों में मतदान की व्यवस्था की जाती थी।












Click it and Unblock the Notifications